📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nubelbariloe
कृषि
पंजाब की सीमा के किसान सीमित समय में खेती के संघर्ष में
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 02 नव. 2026, 06:16 AM
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भारत‑पाकिस्तान सीमा के किनारे रहने वाले पंजाब के किसान बताते हैं कि सुरक्षा कारणों से उन्हें प्रतिदिन केवल कुछ घंटे ही खेती करने को मिलते हैं।
पंजाब के उन क्षेत्रों में जहाँ खेत भारत‑पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगते हैं, किसानों को अब अनोखी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सीमापार तनाव और सुरक्षा उपायों के कारण खेती‑बाड़ी को एक जोखिमभरा कार्य बना दिया गया है, जहाँ हर दिन की सामान्य कार्यवाही में बाधा आती है।
किसानों ने बताया कि उन्हें अपने खेतों में काम करने के लिए केवल कुछ घंटे ही मिलते हैं। सीमा पर सतर्कता और कभी‑कभी होने वाले झड़प के खतरे के कारण सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़ी हो गई है, जिससे जल देना, निराई‑गुड़ाई और अन्य आवश्यक कार्य सीमित हो गए हैं।
समय की इस कमी से उत्पादन और आय दोनों पर असर पड़ा है। कई किसान अब जल्दी पकने वाली फसलों को चुन रहे हैं या वैकल्पिक आजीविका की ओर रुख कर रहे हैं। जबकि सरकार ने सीमा‑पार कृषि समस्याओं को सुलझाने का वादा किया है, इन किसानों की रोज़मर्रा की वास्तविकता अभी भी सीमित समय में अपनी जमीन को उपजाऊ बनाए रखने के संघर्ष में है।
किसानों ने बताया कि उन्हें अपने खेतों में काम करने के लिए केवल कुछ घंटे ही मिलते हैं। सीमा पर सतर्कता और कभी‑कभी होने वाले झड़प के खतरे के कारण सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़ी हो गई है, जिससे जल देना, निराई‑गुड़ाई और अन्य आवश्यक कार्य सीमित हो गए हैं।
समय की इस कमी से उत्पादन और आय दोनों पर असर पड़ा है। कई किसान अब जल्दी पकने वाली फसलों को चुन रहे हैं या वैकल्पिक आजीविका की ओर रुख कर रहे हैं। जबकि सरकार ने सीमा‑पार कृषि समस्याओं को सुलझाने का वादा किया है, इन किसानों की रोज़मर्रा की वास्तविकता अभी भी सीमित समय में अपनी जमीन को उपजाऊ बनाए रखने के संघर्ष में है।