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31 जुल. 2026
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मनोविज्ञान: गोवा, हिमाचल, केरल के बार-बार जाने वाले लोग बोरिंग नहीं हैं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Vyacheslav Argenberg Derivative work:
विज्ञान

मनोविज्ञान: गोवा, हिमाचल, केरल के बार-बार जाने वाले लोग बोरिंग नहीं हैं

✍️ The Times of India 🗓 31 जुल. 2026, 01:36 PM 👁 9

मनोवैज्ञानिक अध्ययन से पता चलता है कि गोवा, हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे स्थानों पर बार-बार जाने वाले लोग बोरिंग नहीं होते। यह शोध दर्शाता है कि पुनः यात्रा गंतव्य के प्रति गहरी जुड़ाव को दर्शाती है।

मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, गोवा, हिमाचल प्रदेश और केरल के बार-बार जाने वाले लोग उबाऊ नहीं माने जाते। शोध में यह बताया गया कि ऐसी यात्रा की आदतें स्थायी रुचि और नई अनुभवों के लिए परिचित स्थानों पर लौटने की इच्छा दर्शाती हैं।

अध्ययन बताता है कि पुनः यात्रा भावनात्मक जुड़ाव, सांस्कृतिक जिज्ञासा या प्रिय यादों को फिर से जीने की चाह से प्रेरित हो सकती है। गोवा, हिमाचल और केरल में समुद्र तट, पृष्ठभूमि, पहाड़ और विरासत स्थल जैसी विविध आकर्षण हैं, जो बार-बार आने के लिए आकर्षक बनाते हैं।

यात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार की यात्राएँ निष्क्रियता के बजाय सक्रिय जुड़ाव का संकेत देती हैं। शोध यात्रियों को अपने लौटने वाले सफ़रों को निरंतर खोज और व्यक्तिगत विकास के रूप में देखने के लिए प्रेरित करता है।
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