📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Batthini Vinay Kumar Goud
राजनीति
तेलंगाना में बीआरएस नेताओं के अवैध फार्महाउस की जांच शुरू
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🗓 22 सित. 2026, 08:01 AM
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तेलंगाना में अधिकारियों ने बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं के अवैध फार्महाउस, जिसमें जगदीश रेड्डी से जुड़ी संपत्ति शामिल है, की जांच शुरू की है।
तेलंगाना पुलिस की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने सोमवार को घोषणा की कि वह भूमि‑उपयोग नियमों का उल्लंघन करने वाले कई फार्महाउसों की औपचारिक जांच शुरू कर रही है। इस जांच का केंद्र बिंदु शासक पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के वरिष्ठ नेताओं से जुड़ी संपत्तियां हैं, जिसमें विधायक जगदीश रेड्डी से संबंधित एक फार्महाउस विशेष रूप से जांच में है।
पुलिस के बयान के अनुसार, प्रारंभिक सबूत संकेत देते हैं कि इन संरचनाओं का निर्माण आवश्यक अनुमतियों के बिना किया गया था और संभवतः कृषि भूमि का अतिक्रमण हुआ है। अधिकारियों ने साइटों की विस्तृत सर्वेक्षण का आदेश दिया है और मालिकों से दस्तावेज़ मांगे हैं ताकि राज्य की योजना नियमों के अनुपालन की पुष्टि की जा सके।
यह कदम राज्य में बढ़ती राजनीतिक तनाव के बीच आया है, क्योंकि विपक्षी दलों ने बार‑बार बीआरएस सरकार पर अपने नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। जांच वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में होगी और किसी भी उल्लंघन पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दंड या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने जांच में शामिल फार्महाउसों की सटीक संख्या नहीं बताई, पर यह जांच राज्य राजस्व विभाग के सहयोग से की जा रही है। जांच के आगे के परिणामों की जानकारी जैसे ही उपलब्ध होगी, सार्वजनिक की जाएगी।
पुलिस के बयान के अनुसार, प्रारंभिक सबूत संकेत देते हैं कि इन संरचनाओं का निर्माण आवश्यक अनुमतियों के बिना किया गया था और संभवतः कृषि भूमि का अतिक्रमण हुआ है। अधिकारियों ने साइटों की विस्तृत सर्वेक्षण का आदेश दिया है और मालिकों से दस्तावेज़ मांगे हैं ताकि राज्य की योजना नियमों के अनुपालन की पुष्टि की जा सके।
यह कदम राज्य में बढ़ती राजनीतिक तनाव के बीच आया है, क्योंकि विपक्षी दलों ने बार‑बार बीआरएस सरकार पर अपने नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। जांच वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में होगी और किसी भी उल्लंघन पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दंड या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने जांच में शामिल फार्महाउसों की सटीक संख्या नहीं बताई, पर यह जांच राज्य राजस्व विभाग के सहयोग से की जा रही है। जांच के आगे के परिणामों की जानकारी जैसे ही उपलब्ध होगी, सार्वजनिक की जाएगी।