📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
अपराध
फर्जी सुप्रीम कोर्ट आदेश से मर्डर क़ैदी की रिहाई पर जेल डिग को गिरफ्तार
✍️ The Times of India
🗓 06 अक्टू. 2026, 07:46 AM
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एक जेल डिप्टी इन्स्पेक्टर जनरल को फर्जी सुप्रीम कोर्ट आदेश पर मर्डर क़ैदी की रिहाई करने के बाद गिरफ्तार किया गया।
जेल विभाग के डिप्टी इन्स्पेक्टर जनरल (डिग) को तब गिरफ्तार किया गया जब जांचकर्ताओं ने पता लगाया कि एक मर्डर क़ैदी को फर्जी सुप्रीम कोर्ट आदेश के आधार पर रिहा किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि यह दस्तावेज़, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी होने का दिखावा करता था, को जेल अधिकारियों को प्रस्तुत किया गया, जिससे क़ैदी की जल्दबाजी में रिहाई हुई। नियमित ऑडिट के दौरान इस फर्जी आदेश का पता चलने पर डिग को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नकली सुप्रीम कोर्ट आदेश पेश करना भारतीय दंड संहिता के तहत एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सज़ा, जिसमें कारावास भी शामिल है, निर्धारित है।
इस घटना ने जेल प्रशासन में आंतरिक नियंत्रण की कमी और न्यायिक आदेशों की सत्यापन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस ने इस मामले की व्यापक जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अन्य अधिकारी भी इस में शामिल थे या पहले ऐसे फर्जी आदेशों का प्रयोग हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि यह दस्तावेज़, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी होने का दिखावा करता था, को जेल अधिकारियों को प्रस्तुत किया गया, जिससे क़ैदी की जल्दबाजी में रिहाई हुई। नियमित ऑडिट के दौरान इस फर्जी आदेश का पता चलने पर डिग को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नकली सुप्रीम कोर्ट आदेश पेश करना भारतीय दंड संहिता के तहत एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सज़ा, जिसमें कारावास भी शामिल है, निर्धारित है।
इस घटना ने जेल प्रशासन में आंतरिक नियंत्रण की कमी और न्यायिक आदेशों की सत्यापन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस ने इस मामले की व्यापक जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अन्य अधिकारी भी इस में शामिल थे या पहले ऐसे फर्जी आदेशों का प्रयोग हुआ है।