📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
धर्म
चित्रकूट बाढ़ में पुजारी ने मंदिर नहीं छोड़ा, डीएम‑एसपी ने हाथ जोड़कर अपील
✍️ Amar Ujala · Rewa
🗓 01 सित. 2026, 07:03 PM
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चित्रकूट में तीव्र बाढ़ के बीच एक पुजारी ने मंदिर नहीं छोड़ने का इरादा जताया, जिससे जिला मजिस्ट्रेट और एसपी ने हाथ जोड़कर उसे खाली करने की अपील की।
भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे मध्य प्रदेश के चित्रकूट जिले के कई हिस्से बाढ़ में डूब गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने निम्न-स्तरीय क्षेत्रों के लिए निकासी का आदेश जारी किया है, क्योंकि जल स्तर लगातार बढ़ रहा है।
इन चेतावनियों के बावजूद, शहर के एक प्राचीन मंदिर के पुजारी ने अपने कर्तव्य के कारण मंदिर नहीं छोड़ने का इरादा जताया। उन्होंने कहा कि वे देवता और मंदिर की रक्षा के लिए अंदर ही रहेंगे, जबकि जल स्तर बाहरी दीवारों के करीब पहुंच रहा है।
जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) ने मंदिर का दौरा किया, हाथ जोड़कर पुजारी से अपील की कि वह अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में बने रहने से जीवन को खतरा हो सकता है और बचाव दलों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया।
अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य जारी हैं और निवासियों के लिए निकासी मार्ग साफ़ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान किया जाता है, परन्तु आपदा के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा को नहीं भूलना चाहिए।
राज्य आपदा प्रबंधन बल के साथ समन्वय कर, प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के लिए सतत निगरानी कर रहा है।
इन चेतावनियों के बावजूद, शहर के एक प्राचीन मंदिर के पुजारी ने अपने कर्तव्य के कारण मंदिर नहीं छोड़ने का इरादा जताया। उन्होंने कहा कि वे देवता और मंदिर की रक्षा के लिए अंदर ही रहेंगे, जबकि जल स्तर बाहरी दीवारों के करीब पहुंच रहा है।
जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) ने मंदिर का दौरा किया, हाथ जोड़कर पुजारी से अपील की कि वह अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में बने रहने से जीवन को खतरा हो सकता है और बचाव दलों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया।
अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य जारी हैं और निवासियों के लिए निकासी मार्ग साफ़ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान किया जाता है, परन्तु आपदा के दौरान व्यक्तिगत सुरक्षा को नहीं भूलना चाहिए।
राज्य आपदा प्रबंधन बल के साथ समन्वय कर, प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के लिए सतत निगरानी कर रहा है।