📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Official White House Photo by Pete Souza
राजनीति
राष्ट्रपति ने लद्दाख में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना के लिए नियम जारी किए
✍️ Daily Excelsior
🗓 28 अग. 2026, 03:18 PM
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राष्ट्रपति ने लद्दाख में स्थायी हाई कोर्ट बेंच की स्थापना के लिए नियम जारी किए, जिससे क्षेत्र में न्यायिक पहुंच बेहतर होगी।
नई दिल्ली, 28 अगस्त — भारत के राष्ट्रपति ने आज एक नियम पर हस्ताक्षर किए, जिससे लद्दाख में हाई कोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित की जाएगी। यह कदम क्षेत्र में न्यायिक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए दीर्घकालिक मांग को पूरा करता है, जिससे litigants को जम्मू और कश्मीर के दूरस्थ न्यायालयों तक यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
संविधान की धारा के तहत जारी किया गया यह नियम सुप्रीम कोर्ट को लद्दाख के लिए एक मुख्य न्यायाधीश और अतिरिक्त न्यायाधीशों के साथ बेंच नियुक्त करने की अनुमति देता है। अधिकारियों का कहना है कि बेंच क्षेत्र की प्रशासनिक राजधानी, सम्भवतः लेह, में स्थापित होगी, हालांकि सटीक स्थान बाद में तय किया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह बताते हुए कि निकटस्थ बेंच से सिविल और आपराधिक मामलों की निपटारा तेज़ होगा और ऊँचे पहाड़ी क्षेत्र में कानून का शासन मजबूत होगा। सरकार ने बेंच को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और स्टाफ प्रदान करने का वादा किया है, ताकि यह अगले कुछ महीनों में कार्यशील हो सके।
यह घोषणा 2019 में लद्दाख के संघीय प्रदेश में पुनर्गठन के बाद केंद्र सरकार द्वारा शासन और सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों के अंतर्गत आई है।
संविधान की धारा के तहत जारी किया गया यह नियम सुप्रीम कोर्ट को लद्दाख के लिए एक मुख्य न्यायाधीश और अतिरिक्त न्यायाधीशों के साथ बेंच नियुक्त करने की अनुमति देता है। अधिकारियों का कहना है कि बेंच क्षेत्र की प्रशासनिक राजधानी, सम्भवतः लेह, में स्थापित होगी, हालांकि सटीक स्थान बाद में तय किया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह बताते हुए कि निकटस्थ बेंच से सिविल और आपराधिक मामलों की निपटारा तेज़ होगा और ऊँचे पहाड़ी क्षेत्र में कानून का शासन मजबूत होगा। सरकार ने बेंच को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और स्टाफ प्रदान करने का वादा किया है, ताकि यह अगले कुछ महीनों में कार्यशील हो सके।
यह घोषणा 2019 में लद्दाख के संघीय प्रदेश में पुनर्गठन के बाद केंद्र सरकार द्वारा शासन और सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों के अंतर्गत आई है।