📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
राजनीति
राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की लद्दाख बेंच को मंजूरी दी
✍️ The New Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 10:48 AM
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भारत के राष्ट्रपति ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने की स्वीकृति दी, जिससे क्षेत्र की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नई दिल्ली – भारत के राष्ट्रपति ने लद्दाख में जम्मू‑कश्मीर हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने की स्वीकृति दी। आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से यह निर्णय घोषित किया गया, जो इस संघीय क्षेत्र में स्थायी उच्च न्यायालय की उपस्थिति की दीर्घकालिक मांग को पूरा करता है, जहाँ अब तक प्रमुख मामलों के लिए सर्किट कोर्ट ही उपयोग होते थे।
नई बेंच नागरिक, आपराधिक और संवैधानिक मामलों को संभालेगी, जिससे लद्दाख के वकीलों और दावेदारों को सुनवाई के लिए श्रीनगर या नई दिल्ली यात्रा करनी नहीं पड़ेगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न्याय की प्रक्रिया तेज होगी और इस कठिन‑पहाड़ी क्षेत्र में कानून का शासन मजबूत होगा।
केन्द्रीय सरकार ने बेंच के लिए न्यायालयीय इमारतों का निर्माण और न्यायाधीशों की नियुक्ति हेतु संसाधन आवंटित कर दिए हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि बुनियादी ढाँचे के पूर्ण होने पर बेंच अगले कुछ महीनों में कार्य शुरू कर देगी।
स्थानीय प्रशासन और वकालत संघों सहित सभी हितधारकों ने राष्ट्रपति की स्वीकृति का स्वागत किया, इसे लद्दाख के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। यह कदम लद्दाख को भारत की न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रणाली में और अधिक एकीकृत करने की व्यापक योजना के अनुरूप है।
नई बेंच नागरिक, आपराधिक और संवैधानिक मामलों को संभालेगी, जिससे लद्दाख के वकीलों और दावेदारों को सुनवाई के लिए श्रीनगर या नई दिल्ली यात्रा करनी नहीं पड़ेगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न्याय की प्रक्रिया तेज होगी और इस कठिन‑पहाड़ी क्षेत्र में कानून का शासन मजबूत होगा।
केन्द्रीय सरकार ने बेंच के लिए न्यायालयीय इमारतों का निर्माण और न्यायाधीशों की नियुक्ति हेतु संसाधन आवंटित कर दिए हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि बुनियादी ढाँचे के पूर्ण होने पर बेंच अगले कुछ महीनों में कार्य शुरू कर देगी।
स्थानीय प्रशासन और वकालत संघों सहित सभी हितधारकों ने राष्ट्रपति की स्वीकृति का स्वागत किया, इसे लद्दाख के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। यह कदम लद्दाख को भारत की न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रणाली में और अधिक एकीकृत करने की व्यापक योजना के अनुरूप है।