📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / News18 Assam/Northeast
राजनीति
प्रशांत किशोर ने बिहार सीएम तेजस्वी को कक्षा 10 की परीक्षा साथ देने की चुनौती दी
✍️ India Today
🗓 26 अग. 2026, 01:37 AM
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राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा साथ देने की सार्वजनिक चुनौती दी, इसे जवाबदेही की कसौटी कहा।
राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर, जो देश‑भर में कई चुनाव अभियानों के पीछे रहे हैं, ने बिहार के मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा साथ देने की सार्वजनिक चुनौती दी। किशोर ने इसे शिक्षा के महत्व को उजागर करने और राज्य की शैक्षणिक स्थिति के लिए नेताओं को जवाबदेह बनाने का प्रतीक बताया।
यह चुनौती सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई, जिसमें किशोर ने खुद की कक्षा 10 की उत्तरपत्रिका की फोटो के साथ यह संदेश दिया कि सीएम को भी इस परीक्षा में भाग लेना चाहिए। उन्होंने तारीख या स्थान का उल्लेख नहीं किया, पर यह संकेत दिया कि यह कदम बिहार के छात्रों के राष्ट्रीय स्तर पर गिरते प्रदर्शन की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए है।
तेजस्वी यादव ने अभी तक इस चुनौती पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तरह की हरकत आगामी राज्य चुनावों के संदर्भ में एक राजनीतिक चर्चा का बिंदु बन सकती है, जहाँ शिक्षा मतदाताओं के लिए प्रमुख मुद्दा है।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि राजनीतिक हस्तियों द्वारा नीति‑संबंधी मुद्दों पर सीधे संवाद करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ रहा है, विशेषकर युवा और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं में।
बिहार शिक्षा विभाग से इस बात पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है कि मुख्यमंत्री और निजी नागरिक के लिए एक साथ परीक्षा देना संभव होगा या नहीं।
यह चुनौती सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई, जिसमें किशोर ने खुद की कक्षा 10 की उत्तरपत्रिका की फोटो के साथ यह संदेश दिया कि सीएम को भी इस परीक्षा में भाग लेना चाहिए। उन्होंने तारीख या स्थान का उल्लेख नहीं किया, पर यह संकेत दिया कि यह कदम बिहार के छात्रों के राष्ट्रीय स्तर पर गिरते प्रदर्शन की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए है।
तेजस्वी यादव ने अभी तक इस चुनौती पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तरह की हरकत आगामी राज्य चुनावों के संदर्भ में एक राजनीतिक चर्चा का बिंदु बन सकती है, जहाँ शिक्षा मतदाताओं के लिए प्रमुख मुद्दा है।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि राजनीतिक हस्तियों द्वारा नीति‑संबंधी मुद्दों पर सीधे संवाद करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ रहा है, विशेषकर युवा और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं में।
बिहार शिक्षा विभाग से इस बात पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है कि मुख्यमंत्री और निजी नागरिक के लिए एक साथ परीक्षा देना संभव होगा या नहीं।