📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
अपराध
पुलिस ने 'कॉकरोच' आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार किया
✍️ Reuters
🗓 11 अक्टू. 2026, 03:38 AM
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भारतीय अधिकारियों ने 'कॉकरोच' आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार किया, जो आंदोलन से संबंधित अवैध गतिविधियों के आरोपों के बाद हुआ।
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को 'कॉकरोच' आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार किया, जो अपनी अनोखी रणनीतियों और सोशल मीडिया उपस्थिति के लिए जानी जाने वाली एक विरोध समूह है। 32 वर्ष के दिपके को शहर के केंद्रीय जिले के एक पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया, उनके निवास पर तफ्तीश के बाद।
गिरफ्तारी के पीछे यह आरोप है कि आंदोलन अवैध प्रदर्शन और ज्वलनशील पदार्थों के वितरण में शामिल था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दिपके को भारतीय दंड संहिता के उन धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है जो अवैध सभा और प्रतिबंधित हथियारों के कब्जे से संबंधित हैं।
दिल्ली पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया, जिसमें समूह के सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के योजनाओं का संकेत मिला। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि दिपके की गिरफ्तारी शहर में उग्रवादी तत्वों को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
दिपके के समर्थकों ने एक निष्पक्ष मुकदमे की मांग की है, जबकि मानवाधिकार समूहों ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे सुनिश्चित करें कि हिरासत कानूनी मानदंडों के अनुरूप हो। यह मामला अगले कुछ हफ्तों में दिल्ली उच्च न्यायालय में सुना जाने की उम्मीद है।
गिरफ्तारी के पीछे यह आरोप है कि आंदोलन अवैध प्रदर्शन और ज्वलनशील पदार्थों के वितरण में शामिल था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दिपके को भारतीय दंड संहिता के उन धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है जो अवैध सभा और प्रतिबंधित हथियारों के कब्जे से संबंधित हैं।
दिल्ली पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया, जिसमें समूह के सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के योजनाओं का संकेत मिला। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि दिपके की गिरफ्तारी शहर में उग्रवादी तत्वों को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
दिपके के समर्थकों ने एक निष्पक्ष मुकदमे की मांग की है, जबकि मानवाधिकार समूहों ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे सुनिश्चित करें कि हिरासत कानूनी मानदंडों के अनुरूप हो। यह मामला अगले कुछ हफ्तों में दिल्ली उच्च न्यायालय में सुना जाने की उम्मीद है।