📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gopal Aggarwal
अपराध
एलपीयू में साजिशपूर्ण आगजनी‑तोड़फोड़ की रिपोर्ट सामने
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 29 सित. 2026, 08:31 PM
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एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई आगजनी‑तोड़फोड़ दुर्घटना नहीं, बल्कि छात्रों के प्रदर्शन के आवरण में साजिश‑सहित की गई थी।
जालंधर स्थित अमर उजाला ने प्रकाशित एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई आगजनी और तोड़फोड़ दुर्घटना नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों के प्रदर्शन के आवरण में यह हिंसा साजिश के रूप में अंजाम दी गई।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ छात्रों ने ऐसे बयान दिए हैं जो एक समन्वित योजना की ओर इशारा करते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह घटना एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थी, न कि अचानक हुई उग्रता। गवाहों के बयानों और वीडियो फुटेज से यह संकेत मिलता है कि आग लगने से पहले ही व्यवस्थित कार्रवाई की गई थी।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार व्यक्तियों या समूहों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सहयोग करने और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
विश्वविद्यालय ने अभी तक रिपोर्ट पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आश्वासन दे चुका है। यह घटना छात्रों और अभिभावकों में कैंपस सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है और क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रदर्शन प्रबंधन के नियमों की पुनः समीक्षा की जा सकती है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ छात्रों ने ऐसे बयान दिए हैं जो एक समन्वित योजना की ओर इशारा करते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह घटना एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थी, न कि अचानक हुई उग्रता। गवाहों के बयानों और वीडियो फुटेज से यह संकेत मिलता है कि आग लगने से पहले ही व्यवस्थित कार्रवाई की गई थी।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले की पूरी जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार व्यक्तियों या समूहों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सहयोग करने और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
विश्वविद्यालय ने अभी तक रिपोर्ट पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आश्वासन दे चुका है। यह घटना छात्रों और अभिभावकों में कैंपस सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है और क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रदर्शन प्रबंधन के नियमों की पुनः समीक्षा की जा सकती है।