📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Goutam1962
धर्म
पितृ पक्ष 2026 का आरम्भ 27 सितंबर, प्रमुख तिथियां व तर्पण विधि
✍️ Aaj Tak
🗓 27 सित. 2026, 07:10 AM
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पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर से हुई है, जिसमें सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर तक की प्रमुख तिथियां और तर्पण की सही विधि बताई गई है।
पितृ पक्ष, जिसे श्राद्ध भी कहा जाता है, पूर्वजों को सम्मानित करने का हिन्दू कैलेंडर में निर्धारित द्विवार्षिक अवधि है। 2026 का पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू हुआ है।
यह अवधि 10 अक्टूबर को आने वाली सर्वपितृ अमावस्या तक चलती है। इस दौरान श्रद्धालु घर के वेदी या नदियों के किनारे तर्पण, दान और जल अर्पण जैसे अनुष्ठान करते हैं।
आज तक ने तर्पण की सही विधि बताई है, जिसमें चावल, जौ, तिल आदि का मिश्रण तैयार करना, विशिष्ट मंत्रों का उच्चारण और शाकाहारी भोजन व शराब से परहेज जैसे शुद्धता नियम शामिल हैं।
पितृ पक्ष के भीतर कुछ विशेष तिथियां, जैसे प्रथम तिथि और अंतिम तिथि, अधिक शुभ मानी जाती हैं। परिवारों को स्थानीय पंचांग के अनुसार सही समय निर्धारित करने हेतु पुजारी से परामर्श करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को भी उजागर किया गया है; जहाँ भी भीड़भाड़ हो, कोविड‑19 सुरक्षा उपायों का पालन करना और सामाजिक दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
यह अवधि 10 अक्टूबर को आने वाली सर्वपितृ अमावस्या तक चलती है। इस दौरान श्रद्धालु घर के वेदी या नदियों के किनारे तर्पण, दान और जल अर्पण जैसे अनुष्ठान करते हैं।
आज तक ने तर्पण की सही विधि बताई है, जिसमें चावल, जौ, तिल आदि का मिश्रण तैयार करना, विशिष्ट मंत्रों का उच्चारण और शाकाहारी भोजन व शराब से परहेज जैसे शुद्धता नियम शामिल हैं।
पितृ पक्ष के भीतर कुछ विशेष तिथियां, जैसे प्रथम तिथि और अंतिम तिथि, अधिक शुभ मानी जाती हैं। परिवारों को स्थानीय पंचांग के अनुसार सही समय निर्धारित करने हेतु पुजारी से परामर्श करने की सलाह दी गई है।
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