📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of Bhopal
कृषि
भोपाल में तुवर दाल की कीमत 130 रुपये/किग्रा तक पहुँची
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 24 सित. 2026, 03:01 PM
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भोपाल में तुवर दाल की कीमत 111 रुपये से बढ़कर 130 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, मांग में बढ़ोतरी और सीमित आपूर्ति के कारण। चना, मूंग, उड़द और मसूर के भाव भी बढ़े हैं और आगे बढ़ने की संभावना है।
भोपाल में तुवर दाल की कीमत में तेज़ी आई है, जो सितंबर की शुरुआत में 111 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर अब 130 रुपये हो गई है, स्थानीय व्यापारियों के अनुसार। यह वृद्धि त्योहारी और शादी‑संबंधी सीजन के करीब आने के कारण हुई है, जिससे दाल की मांग में इजाफा हो रहा है।
व्यापारी इस मूल्य वृद्धि के पीछे कई कारणों को बताते हैं: बढ़ती मांग, सीमित नई आपूर्ति, घटता पुराना स्टॉक, मौसम की अनुकूलता में कमी और आयात लागत में वृद्धि। इन ही कारणों से चना, मूंग, उड़द और मसूर जैसे अन्य प्रमुख दालों के भाव भी बढ़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति में कमी और आगामी त्योहारी अवधि के कारण कीमतें आगे भी बढ़ सकती हैं। इससे घरों के किराने के खर्च में इजाफा हो सकता है, विशेषकर कम आय वाले वर्ग के लिए।
राज्य सरकार ने अभी तक कोई विशेष उपाय नहीं बताया है, पर अधिकारियों ने कीमतों में अत्यधिक उतार‑चढ़ाव को रोकने के लिए स्थिति पर करीबी नज़र रखी है।
कृषि क्षेत्र के हितधारक किसानों से फसल की बुवाई तेज़ करने और भंडारण सुविधाओं को बेहतर बनाने का आग्रह कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कमी और कीमतों में अस्थिरता को कम किया जा सके।
व्यापारी इस मूल्य वृद्धि के पीछे कई कारणों को बताते हैं: बढ़ती मांग, सीमित नई आपूर्ति, घटता पुराना स्टॉक, मौसम की अनुकूलता में कमी और आयात लागत में वृद्धि। इन ही कारणों से चना, मूंग, उड़द और मसूर जैसे अन्य प्रमुख दालों के भाव भी बढ़े हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति में कमी और आगामी त्योहारी अवधि के कारण कीमतें आगे भी बढ़ सकती हैं। इससे घरों के किराने के खर्च में इजाफा हो सकता है, विशेषकर कम आय वाले वर्ग के लिए।
राज्य सरकार ने अभी तक कोई विशेष उपाय नहीं बताया है, पर अधिकारियों ने कीमतों में अत्यधिक उतार‑चढ़ाव को रोकने के लिए स्थिति पर करीबी नज़र रखी है।
कृषि क्षेत्र के हितधारक किसानों से फसल की बुवाई तेज़ करने और भंडारण सुविधाओं को बेहतर बनाने का आग्रह कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कमी और कीमतों में अस्थिरता को कम किया जा सके।