🔥 ट्रेंडिंग अमृतपुर पुलिस ने दहेज हत्या के आरोपी अ... उज्जैन में सिंहस्थ विकास कार्य के अंतर... સાબરકાંઠા પોલીસે કાળા કાચ અને નંબર પ્લ... मेघालय के मुख्यमंत्री ने छोटे पैमाने क... लुधियाना पुलिस ने विदेश जाने का वादा क... फरीदकोट में नशा तस्करों के संदेहित ठिक...
24 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
नौकरी

पेड़ लगाया किसी ने, फल खा रहा कोई और! रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में जय अंबे कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

✍️ रिपोर्टर: Akhilish Tripathi 🗓 24 अक्टू. 2026, 09:16 PM 👁 42
यहाँ देखें: 📘 Facebook 📷 Instagram
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

पेड़ लगाया किसी ने, फल खा रहा कोई और! रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में जय अंबे कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

पेड़ लगाया किसी ने, फल खा रहा कोई और! रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में जय अंबे कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

स्थानीय ग्रामीणों के बाद अब स्थानीय कर्मचारियों के तबादलों को लेकर नाराजगी, बाहरी लोगों की भर्ती जारी रहने के आरोप

रामपुर बटुरा/शहडोल। रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में काम कर रही जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे स्थानीय ग्रामीणों के बाद अब कंपनी में काम कर रहे स्थानीय कर्मचारियों के तबादलों को लेकर भी नाराजगी सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि जिन लोगों ने क्षेत्र में रहकर कंपनी के कामकाज को आगे बढ़ाने में योगदान दिया, आज उन्हीं कर्मचारियों को दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों की भर्ती लगातार किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

ऐसे में क्षेत्र में एक कहावत चर्चा का विषय बनती जा रही है— “पेड़ लगाया कोई और, फल खा रहा कोई और!” स्थानीय लोगों का कहना है कि रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में रोजगार और विकास की उम्मीद लेकर ग्रामीणों ने लंबे समय से अपनी भागीदारी की आशा रखी, लेकिन अब स्थानीय कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय कर्मचारियों के तबादलों से बढ़ी चिंता

प्राप्त जानकारी और स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, कंपनी में कार्यरत कई स्थानीय कर्मचारियों को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित किया गया है। इनमें शहडोल निवासी पूर्व एचआर अधिकारी आलोक त्रिपाठी और राजेश चौधरी को कर्नाटक भेजे जाने की बात कही जा रही है। वहीं, बलबहरा निवासी सुरेंद्र साहू और शिवम साहू का तबादला झारखंड के तापिन क्षेत्र में किए जाने की जानकारी सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल कुछ कर्मचारियों का मामला नहीं है, बल्कि ऐसे कई कर्मचारियों के तबादलों को लेकर चर्चा है, जिनका परिवार और सामाजिक जीवन इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। यदि कर्मचारियों को दूर-दराज के राज्यों में भेजा जाता है, तो उनके परिवार, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि, इन तबादलों के पीछे कंपनी का आधिकारिक पक्ष, प्रशासनिक कारण और संबंधित कर्मचारियों की सहमति के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आना आवश्यक है। कंपनी प्रबंधन को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी दूर हो सके।

स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग

रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट क्षेत्र के ग्रामीणों की प्रमुख मांग रही है कि परियोजना में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं और कई ग्रामीण रोजगार की उम्मीद में इंतजार करते रहे हैं।

अब कर्मचारियों के तबादलों और बाहरी लोगों की भर्ती को लेकर उठ रही शिकायतों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब परियोजना उनके क्षेत्र में संचालित हो रही है, तो यहां के योग्य युवाओं और अनुभवी कर्मचारियों को रोजगार एवं कार्य करने के अवसरों में उचित प्राथमिकता क्यों नहीं मिलनी चाहिए?

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि कंपनी को तकनीकी दक्षता, अनुभव या अन्य प्रशासनिक जरूरतों के कारण बाहर से कर्मचारी नियुक्त करने पड़ते हैं, तो भी स्थानीय योग्य युवाओं को प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाने की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए।

क्या स्थानीय कर्मचारियों के हितों की अनदेखी हो रही है?

कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवाल केवल तबादलों तक सीमित नहीं हैं। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि स्थानीय कर्मचारियों के अनुभव और योगदान को किस हद तक महत्व दिया जा रहा है। यदि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को अचानक दूरस्थ स्थानों पर भेजा जाता है, तो प्रबंधन को इसके कारणों और प्रक्रिया के बारे में पारदर्शिता रखनी चाहिए।

कर्मचारियों के तबादले किसी कंपनी की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन उनकी निष्पक्षता, स्पष्ट नीति और कर्मचारियों पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जहां कर्मचारियों के परिवार स्थानीय क्षेत्र में रहते हों, वहां संवाद और उचित जानकारी देना महत्वपूर्ण है।

प्रबंधन से उठ रहे पांच अहम सवाल

रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट के संबंध में स्थानीय लोगों ने कंपनी प्रबंधन से कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मांगे हैं।

1. स्थानीय कर्मचारियों को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित करने के पीछे क्या कारण हैं?
2. क्या तबादलों से प्रभावित कर्मचारियों को उनकी समस्याएं रखने का उचित अवसर दिया गया?
3. स्थानीय युवाओं की भर्ती और बाहरी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए कंपनी की नीति क्या है?
4. क्या स्थानीय कर्मचारियों को उनके अनुभव और योग्यता के अनुसार पदोन्नति एवं कार्य के अवसर दिए जा रहे हैं?
5. क्या कंपनी प्रबंधन स्थानीय ग्रामीणों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर उनकी शिकायतों का समाधान करेगा?

कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए अपना पक्ष

रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट क्षेत्र के लोगों की अपेक्षा है कि जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्थानीय ग्रामीणों और कर्मचारियों के हितों को गंभीरता से ले। रोजगार के अवसर, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, तबादलों में पारदर्शिता और कर्मचारियों के साथ उचित व्यवहार किसी भी जिम्मेदार कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल होने चाहिए।

कंपनी प्रबंधन को सामने आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि स्थानीय कर्मचारियों के तबादले किन आधारों पर किए गए हैं और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए आगे क्या योजना बनाई गई है। साथ ही, प्रभावित कर्मचारियों की शिकायतों को सुनकर उचित समाधान निकालने की पहल भी की जानी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की भागीदारी केवल उम्मीदों और आश्वासनों तक सीमित रहेगी या उन्हें वास्तव में रोजगार, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर भी मिलेंगे?

स्थानीय ग्रामीणों और कर्मचारियों की मांग है कि कंपनी की नीतियों में पारदर्शिता हो, योग्य स्थानीय लोगों को उचित अवसर मिले और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े फैसले स्पष्ट एवं न्यायसंगत तरीके से लिए जाएं। अब देखना होगा कि जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी प्रबंधन इन सवालों पर क्या जवाब देता है और स्थानीय लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
📲Get App