🔥 TRENDING ED Completes Probe into PCEA Land Scam... Masked robbers use gas cutter to steal... BJP candidate gets zero votes in Mundw... બનાસકાંઠામાં પોલીસ અધિક્ષક પ્રશાંત સું... बोटाड जिले में आज धोधमर वर्षा Three arrested in Jamui after video sh...
21 Sep 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने थाना जनसुराजका दामन
Politics

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने थाना जनसुराजका दामन

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 08 Sep 2026, 07:54 PM 👁 34
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने शिक्षक के मान सम्मान कि रक्षा के लिए बांकीपुर विधानसभा के विधायक सह जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के समक्ष जनसुराज पार्टी में शामिल हो गई

शिक्षकों के अधिकार और बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के संकल्प के साथ डॉ. दिव्य ज्योति ने जन सुराज का दामन थामा



बिहार विधान परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज, पटना की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दिव्य ज्योति ने अपने सैकड़ों सहयोगियों के साथ पार्टी के संस्थापक एवं मार्गदर्शक प्रशांत किशोर जी व पार्टी के अध्यक्ष की उपस्थिति में आज जन सुराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए महज राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से शिक्षा और शिक्षक समुदाय के साथ जुड़े अपने संघर्ष और प्रतिबद्धता को एक बड़े लोकतांत्रिक मंच तक ले जाने की नई शुरुआत है।

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि उन्होंने पटना, नालंदा और नवादा के शिक्षकों के साथ व्यापक संवाद और उनकी सहमति एवं समर्थन के बाद जन सुराज से जुड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे शिक्षक समुदाय के अधिकार, सम्मान और शिक्षा के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष का एक नया अध्याय बताया।

पिछले करीब पाँच वर्षों से डॉ. दिव्य ज्योति लगातार शिक्षकों के जायज़ अधिकारों और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाती रही हैं। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की पेशेवर चुनौतियों, कठिनाइयों, असुरक्षा और उनकी आकांक्षाओं को बेहद करीब से समझा है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था से उनका जुड़ाव करीब 25 वर्षों का रहा है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें राज्य की शिक्षा व्यवस्था की उपलब्धियों के साथ-साथ उसकी मूलभूत और संरचनात्मक समस्याओं को समझने का व्यापक अवसर दिया है।

जन सुराज में शामिल होने के बाद डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा

“आज जन सुराज से जुड़ना मेरे लिए सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं है। यह उस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने की शुरुआत है, जिसे मैंने वर्षों से अपने साथ रखा है। करीब दो दशकों से मैं शिक्षा के क्षेत्र से गहराई से जुड़ी रही हूँ और पिछले दो वर्षों में शिक्षकों के बीच रहकर उनकी समस्याओं और संघर्षों को बहुत करीब से देखा है। मेरा स्पष्ट विश्वास है कि शिक्षकों के अधिकार की लड़ाई वास्तव में बिहार के भविष्य की लड़ाई है।”

उन्होंने कहा कि शिक्षक बिहार की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ और सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। शिक्षकों को सम्मान, सुरक्षित और बेहतर कार्य-परिस्थितियां, उनके जायज़ अधिकार और नीतियां बनाने की प्रक्रिया में उचित भागीदारी दिए बिना बिहार में शिक्षा का वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।

उन्होंने कहा

“शिक्षकों को सहानुभूति नहीं, न्याय चाहिए। उन्हें सम्मान चाहिए, सुरक्षा चाहिए और ऐसी व्यवस्था चाहिए जो उनकी बात सुने। अगर हम अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहते हैं, तो सबसे पहले ऐसा वातावरण बनाना होगा जिसमें शिक्षक सम्मानित, सुरक्षित, प्रेरित और सशक्त महसूस करें।

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि जन सुराज से जुड़ने का उनका निर्णय शिक्षकों के साथ लंबे संवाद के बाद लिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से पटना, नालंदा और नवादा के शिक्षक समुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास और समर्थन ने उन्हें शिक्षक हितों की आवाज़ को और बड़े लोकतांत्रिक मंच तक ले जाने का साहस दिया है।

नए बिहार की शुरुआत नई शिक्षा दृष्टि से होगी

जन सुराज से जुड़ने के निर्णय के बारे में उन्होंने कहा कि बिहार में शासन और विकास के तरीके में बुनियादी बदलाव की आवश्यकता महसूस करने वाले लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा

श्री प्रशांत किशोर जी के नेतृत्व में जन सुराज ने बिहार में एक नई राजनीतिक चेतना पैदा की है और नए बिहार की उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। मेरा मानना है कि यह ऐसा मंच बन सकता है, जहां वे लोग एक साथ आ सकें जो बिहार की समस्याओं को सिर्फ संभालना नहीं, बल्कि उनकी जड़ में जाकर बदलाव लाना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा कि नए बिहार का सपना नई शिक्षा दृष्टि के बिना पूरा नहीं हो सकता। ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है जिसमें शिक्षक बदलाव के भागीदार हों, शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत किया जाए, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिलें और नीतियां जमीनी वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।

डॉ. दिव्य ज्योति के अनुसार बिहार की शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं का समाधान केवल अलग-अलग घोषणाओं या तात्कालिक उपायों से नहीं किया जा सकता। इसके लिए एक समग्र और दीर्घकालिक शिक्षा नीति की आवश्यकता है, जिसमें शिक्षक कल्याण, पारदर्शी नियुक्ति एवं सेवा व्यवस्था, शिक्षकों का व्यावसायिक विकास, बेहतर शैक्षणिक आधारभूत संरचना, शिक्षा की गुणवत्ता, जवाबदेही तथा शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों की नीति निर्माण में सार्थक भागीदारी शामिल हो।

उन्होंने कहा कि जन सुराज के माध्यम से उनकी राजनीतिक यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य कक्षा और नीति निर्माण के बीच एक मजबूत सेतु बनाना होगा, ताकि शिक्षकों का वास्तविक अनुभव और उनकी समस्याएं उन मंचों तक पहुंचें, जहां शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं।

उन्होंने कहा—

“वर्षों तक मैं कक्षा में रही हूं। मैंने एक शिक्षक और शिक्षाविद् के रूप में शिक्षा को बहुत करीब से देखा है। पिछले दो वर्षों में मैंने कक्षा के बाहर शिक्षकों के संघर्ष को भी करीब से समझा है। अब मैं अपने इस अनुभव को जनता और नीति निर्माण के मंच तक ले जाना चाहती हूं। मेरा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट है। शिक्षकों की आवाज़ मजबूत हो, शिक्षा को प्राथमिकता मिले और बिहार का भविष्य मजबूत हो।

शिक्षित बिहार के बिना विकसित बिहार संभव नहीं”

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि बिहार का विकास केवल सड़क, भवन और उद्योगों के निर्माण से तय नहीं हो सकता। ये सभी आवश्यक हैं, लेकिन किसी भी राज्य की वास्तविक ताकत उसके मानव संसाधन और उसकी शिक्षा की गुणवत्ता में होती है।

उन्होंने कहा

विकसित बिहार का सपना शिक्षित बिहार के बिना पूरा नहीं हो सकता। शिक्षित बिहार के लिए सशक्त शिक्षक जरूरी हैं और सशक्त शिक्षक सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के बिना संभव नहीं हैं। इसलिए नए बिहार की यात्रा की शुरुआत हमारे कक्षाओं से होनी चाहिए।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जन सुराज के साथ जुड़कर उन्हें शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक शैक्षिक सुधार के लिए काम करने का एक बड़ा मंच मिलेगा।

उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों की वास्तविक और जायज़ समस्याओं को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार उठाती रहेंगी और ऐसी शिक्षा व्यवस्था के निर्माण के लिए काम करेंगी जो पारदर्शी, जवाबदेह, समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।

डॉ. दिव्य ज्योति का जन सुराज से जुड़ना बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक समुदाय की समस्याओं को व्यापक राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मेरी प्रतिबद्धता किसी पद के लिए नहीं, एक उद्देश्य के लिए है”

अपनी नई राजनीतिक यात्रा के बारे में डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा

मैं पटना, नालंदा और नवादा के शिक्षकों के विश्वास और समर्थन के साथ इस नई यात्रा की शुरुआत कर रही हूं। मेरे साथ उनकी उम्मीदें हैं, उनके सवाल हैं और उनकी चिंताएं हैं। मेरी प्रतिबद्धता किसी पद के लिए नहीं, बल्कि एक उद्देश्य के लिए है। मेरा उद्देश्य शिक्षा है, मेरी ताकत शिक्षक समुदाय है और मेरा सपना ऐसा बिहार है, जहां हर शिक्षक को सम्मान मिले, हर विद्यार्थी को सीखने का बेहतर अवसर मिले और हर युवा बेहतर भविष्य का सपना देख सके।”

उन्होंने अंत में कहा—

“मजबूत बिहार के लिए मजबूत शिक्षक जरूरी हैं। मजबूत शिक्षक के लिए सम्मान और गरिमा जरूरी है। और नए बिहार की शुरुआत नई शिक्षा व्यवस्था से ही होगी।”
📲Get App