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21 सित. 2026
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पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने किया नवादा का विभिन्न कॉलेज का दौरा
राजनीति

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने किया नवादा का विभिन्न कॉलेज का दौरा

✍️ रिपोर्टर: Awanish Kumar 🗓 09 सित. 2026, 10:47 PM 👁 32
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नवादा में विभिन्न कॉलेजों में भ्रमण के दौरान वर्तमान प्रतिनिधि पर जमकर बरसी जनसुराज नेत्री सह भावी उम्मीदवार

नवादा से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
दिनांक: 9 सितंबर 2026

नवादा में विभिन्न कॉलेजों के भ्रमण के दौरान शिक्षकों के मुद्दों पर जमकर बरसीं जन सुराज नेत्री डॉ. दिव्य ज्योति

कहाशिक्षकों के सवाल पर चुप्पी साधने वाले प्रतिनिधि अब जवाब दें, सिर्फ कुर्सी संभालना प्रतिनिधित्व नहीं!

नवादा। बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर शिक्षक समाज के बीच जनसंपर्क अभियान के क्रम में जन सुराज नेत्री डॉ. दिव्य ज्योति ने बुधवार को नवादा के विभिन्न कॉलेजों का भ्रमण कर शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों एवं शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों से संवाद किया। इस दौरान शिक्षकों की लंबित समस्याओं, अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्होंने वर्तमान शिक्षक प्रतिनिधि पर जमकर निशाना साधा।

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि वर्षों से शिक्षक अपने अधिकार, सम्मान, वेतन, सेवा-सुरक्षा, पदोन्नति, स्थानांतरण, पेंशन एवं अन्य न्यायोचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। बावजूद इसके, शिक्षकों के इन महत्वपूर्ण सवालों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाने और समाधान की दिशा में ठोस पहल करने वाला मजबूत प्रतिनिधित्व दिखाई नहीं दिया।

उन्होंने कहा, शिक्षकों ने जिस भरोसे के साथ अपना प्रतिनिधि चुना था, उस भरोसे का जवाब मिलना चाहिए। शिक्षक प्रतिनिधि का काम केवल चुनाव के समय शिक्षकों के बीच जाना नहीं है, बल्कि पूरे कार्यकाल में उनके अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक मजबूती से संघर्ष करना है।”

वर्तमान प्रतिनिधि पर सवाल उठाते हुए डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि शिक्षकों के अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे वर्षों से लंबित हैं। यदि वर्तमान प्रतिनिधि वास्तव में शिक्षक हितैषी होने का दावा करते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि इन समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने अब तक क्या ठोस पहल की और उसका परिणाम क्या रहा।

उन्होंने कहा कि अब शिक्षक समाज खोखले आश्वासनों, औपचारिक दौरों और निष्क्रिय प्रतिनिधित्व से आगे बढ़ चुका है। शिक्षक अब ऐसा नेतृत्व चाहता है जो संघर्षशील हो, जवाबदेह हो और उनकी आवाज को पूरी मजबूती के साथ सदन में उठाए।

डॉ. दिव्य ज्योति ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने मत की ताकत को पहचानें और ऐसे नेतृत्व को अवसर दें, जो शिक्षकों के अधिकारों के लिए हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा
“अब शिक्षक केवल वादे नहीं सुनेंगे, काम का हिसाब मांगेंगे। प्रतिनिधित्व कोई पद या कुर्सी नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी का जवाब देना ही होगा।”

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षकों के अधिकार, सम्मान, न्याय और प्रभावी प्रतिनिधित्व के लिए है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने और उनके समाधान के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने कहा
“अब समय बदलाव का है। शिक्षक की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उनकी आवाज को सड़क से सदन तक पूरी ताकत और मजबूती के साथ पहुंचाया जाएगा।”
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