पिता की स्मृति मे ं संचालित अस्पताल में लगवाते हैं मुफ्त चिकित्सा शिविर, गरीबो ं और जरूरतमंदों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराते हैं
हिंडौन सिटी सेवा का संकल्प हो तो रिटायरमेंट के बाद भी
समाज के प्रति जिम्मेदारी खत्म नही ं होती। इसकी मिसाल हैं श्रीमहावीरजी पंचायत समिति के गांव कटकड़ निवासी डॉ. झम्मनलाल मीना। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में उपनिदेशक पद से सेवानिवृत्त डॉ. मीना ने करीब 31 साल तक सरकारी चिकित्सा सेवाए ं दीं। अब वे जरूरतमंदो ं की मदद और गरीबों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय हैं। डॉ. झम्मनलाल मीना का जन्म 13 अप्रैल 1952 को कटकड़ गांव के किसान रामजीलाल मीना के घर हुआ। उनके पिता रामजीलाल गांव में 17 साल तक सरपंच रहे। पिता की स्मृति को जीवित रखने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डॉ. मीना ने श्रीमहावीरजी में श्रीराम चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से अस्पताल संचालित किया है। यहा ं समय-समय पर गरीबो ं के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। उनका प्रयास रहता है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी जरूरतमंद को इलाज से वंचित न रहना पड़े। डॉ. मीना ने
वर्ष 1981 में बरनाला में चिकित्सक के रूप में सरकारी सेवा
समाज के प्रति जिम्मेदारी खत्म नही ं होती। इसकी मिसाल हैं श्रीमहावीरजी पंचायत समिति के गांव कटकड़ निवासी डॉ. झम्मनलाल मीना। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में उपनिदेशक पद से सेवानिवृत्त डॉ. मीना ने करीब 31 साल तक सरकारी चिकित्सा सेवाए ं दीं। अब वे जरूरतमंदो ं की मदद और गरीबों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय हैं। डॉ. झम्मनलाल मीना का जन्म 13 अप्रैल 1952 को कटकड़ गांव के किसान रामजीलाल मीना के घर हुआ। उनके पिता रामजीलाल गांव में 17 साल तक सरपंच रहे। पिता की स्मृति को जीवित रखने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डॉ. मीना ने श्रीमहावीरजी में श्रीराम चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से अस्पताल संचालित किया है। यहा ं समय-समय पर गरीबो ं के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। उनका प्रयास रहता है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी जरूरतमंद को इलाज से वंचित न रहना पड़े। डॉ. मीना ने
वर्ष 1981 में बरनाला में चिकित्सक के रूप में सरकारी सेवा