बिज़नेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन: अन्नदाता बनेगा ऊर्जादाता, गांव-गांव में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर
स्टार्टअप्स, IITs और उद्यमियों से पीएम की अपील, ऐसे इनोवेटिव मॉडल विकसित करें जिनसे परिवारों की अधिकतम ऊर्जा जरूरतें सौर ऊर्जा से हों पूरी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने और गांवों में सौर ऊर्जा के विस्तार को लेकर अपना विजन साझा किया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि देश का अन्नदाता अब ऊर्जादाता भी बने। इसके लिए किसानों को अपनी खाली जमीन पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा और इस पहल को अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचाना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सौर क्रांति का नया दौर केवल सोलर तकनीक को अपनाने (Adoption) तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें नवाचार (Innovation) की भी महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने इस दिशा में स्टार्टअप्स, IITs, नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों से आगे आने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे नए मॉडल विकसित किए जाने चाहिए, जिनके माध्यम से एक परिवार की अधिक से अधिक ऊर्जा जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो सकें। इससे गांवों में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की खाली जमीन का भी उपयोग किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री का यह विजन कृषि क्षेत्र को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने और ग्रामीण भारत में सौर ऊर्जा आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सौर क्रांति का नया दौर केवल सोलर तकनीक को अपनाने (Adoption) तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें नवाचार (Innovation) की भी महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने इस दिशा में स्टार्टअप्स, IITs, नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों से आगे आने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे नए मॉडल विकसित किए जाने चाहिए, जिनके माध्यम से एक परिवार की अधिक से अधिक ऊर्जा जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी हो सकें। इससे गांवों में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की खाली जमीन का भी उपयोग किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री का यह विजन कृषि क्षेत्र को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने और ग्रामीण भारत में सौर ऊर्जा आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।