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प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर मंथन: मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की बैठक संपन्न
मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग ने भोपाल में एक बैठक आयोजित की, जिसमें प्रशासनिक व्यवस्थाओं को जनोन्मुखी बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए। आयोग का उद्देश्य प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को अधिक सुलभ बनाना है।
भोपाल में मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता आयोग के चेयरमैन सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव श्री एस एन मिश्रा ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की प्रशासनिक इकाइयों जैसे संभाग, जिला, उपखंड, तहसील और जनपद/विकासखंड के परिसीमन एवं युक्तियुक्तिकरण के लिए सुझाव प्राप्त करना था, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी और सुलभ बनाया जा सके। बैठक में आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक चौधरी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
आयोग के चेयरमैन श्री एस एन मिश्रा ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के संबंध में अनुशंसाएं प्राप्त की जानी हैं। साथ ही, भविष्य में नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए मार्गदर्शन सिद्धांत भी निर्धारित किए जाएंगे। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान से जिला स्तर पर प्रशासनिक सुधारों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से सुझाव एकत्र कर आयोग को प्रेषित करने का आग्रह किया।
आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि आयोग प्रदेश के सभी जिलों में जाकर प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर रहा है और प्रशासनिक अधोसंरचना को बेहतर बनाने तथा व्यवस्था को जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से सुझाव ले रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग से भी महत्वपूर्ण सुझावों की अपेक्षा की गई है ताकि आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत कर सके।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले एवं तहसील की सीमाओं के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के युग में कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता भी बताई। नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक चौधरी ने नगरीय निकायों में वार्डों की जनसंख्या एवं क्षेत्रफल को एक समान करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आर्थिक पहलुओं पर बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने जैसे सुझाव रखे। बैठक में राजस्व अधिकारियों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
आयोग के चेयरमैन श्री एस एन मिश्रा ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के संबंध में अनुशंसाएं प्राप्त की जानी हैं। साथ ही, भविष्य में नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए मार्गदर्शन सिद्धांत भी निर्धारित किए जाएंगे। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान से जिला स्तर पर प्रशासनिक सुधारों के संबंध में विभागीय अधिकारियों से सुझाव एकत्र कर आयोग को प्रेषित करने का आग्रह किया।
आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि आयोग प्रदेश के सभी जिलों में जाकर प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर रहा है और प्रशासनिक अधोसंरचना को बेहतर बनाने तथा व्यवस्था को जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से सुझाव ले रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग से भी महत्वपूर्ण सुझावों की अपेक्षा की गई है ताकि आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत कर सके।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले एवं तहसील की सीमाओं के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के युग में कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता भी बताई। नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक चौधरी ने नगरीय निकायों में वार्डों की जनसंख्या एवं क्षेत्रफल को एक समान करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आर्थिक पहलुओं पर बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने जैसे सुझाव रखे। बैठक में राजस्व अधिकारियों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।