Education
प्रस्तावित उच्च शिक्षा कानून के विरोध में शिक्षको का विरोध प्रदर्शन जारी
नौबतपुर स्थित मालतीधारी कॉलेज में उच्च शिक्षा कानून के विरोध में शिक्षको ने काला बिल्ला लगा कर कर रहे हैं अपना प्रदर्शन
प्रस्तावित उच्च शिक्षा कानून के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन जारी
नौबतपुर | मालतीधारी कॉलेज
बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित उच्च शिक्षा कानून के विरोध में मालतीधारी कॉलेज, नौबतपुर के शिक्षकों का विरोध लगातार जारी है। शिक्षक 3 अगस्त से काला बिल्ला लगाकर अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि प्रस्तावित कानून से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है और उच्च शिक्षा संस्थानों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका है। इसी के विरोध में शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
10 अगस्त को अवकाश के दिन भी शिक्षक कॉलेज परिसर में उपस्थित होकर काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे। हालांकि, इस दिन कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में डॉ. अभय कुमार झा, डॉ. कुमारी भारती, डॉ. श्वेता बाला, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. ऋषिकेश कुमार, डॉ. गोरख राम, डॉ. संयुक्ता मयूरी, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. पूनम कुमारी समेत कॉलेज के कई शिक्षक शामिल हैं।
शिक्षकों ने सरकार से प्रस्तावित कानून पर शिक्षकों एवं संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा करने और उनकी आपत्तियों पर विचार करने की मांग की है
नौबतपुर | मालतीधारी कॉलेज
बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित उच्च शिक्षा कानून के विरोध में मालतीधारी कॉलेज, नौबतपुर के शिक्षकों का विरोध लगातार जारी है। शिक्षक 3 अगस्त से काला बिल्ला लगाकर अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि प्रस्तावित कानून से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है और उच्च शिक्षा संस्थानों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने की आशंका है। इसी के विरोध में शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
10 अगस्त को अवकाश के दिन भी शिक्षक कॉलेज परिसर में उपस्थित होकर काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे। हालांकि, इस दिन कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में डॉ. अभय कुमार झा, डॉ. कुमारी भारती, डॉ. श्वेता बाला, डॉ. अंकित कुमार, डॉ. ऋषिकेश कुमार, डॉ. गोरख राम, डॉ. संयुक्ता मयूरी, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. पूनम कुमारी समेत कॉलेज के कई शिक्षक शामिल हैं।
शिक्षकों ने सरकार से प्रस्तावित कानून पर शिक्षकों एवं संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा करने और उनकी आपत्तियों पर विचार करने की मांग की है