🔥 TRENDING धूमधाम से हुआ रावण दहन, बुराई पर अच्छा... खड़का गांव में दुर्गा पूजा सेवा समिति... राजाखेड़ा में RSS का भव्य पथ संचलन, भार... Tripura’s Mayer Gomon Carnival to Attr... Himachal HC Scrutinises Barog High‑Ris... Summerhill Dussehra Festival Tackles D...
20 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Religion

प्राचीन ऐतिहासिक श्रीरामलीला मेला महराजनगर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ‘लक्ष्मण शक्ति’ का कार्यक्रम बना आकर्षण का केंद्र

✍️ Reporter: Satyaprakash Shukla 🗓 20 Oct 2026, 08:28 PM 👁 15
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

महराजनगर में आयोजित प्राचीन ऐतिहासिक श्रीरामलीला मेला अपनी धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। मेले में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में ‘लक्ष्मण शक्ति’ का कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। इस प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और रामलीला प्रेमियों के पहुंचने से मेले का माहौल भक्तिमय हो जाता है।

महराजनगर में आयोजित प्राचीन ऐतिहासिक श्रीरामलीला मेला अपनी धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। मेले में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में ‘लक्ष्मण शक्ति’ का कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। इस प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और रामलीला प्रेमियों के पहुंचने से मेले का माहौल भक्तिमय हो जाता है।
रामायण का लक्ष्मण शक्ति प्रसंग भगवान श्रीराम और उनके अनुज लक्ष्मण के बीच अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को दर्शाता है। रामलीला मंचन के दौरान जब मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते हैं, तब भगवान श्रीराम की व्याकुलता और भाई के प्रति उनका प्रेम दर्शकों को भावुक कर देता है। इसके बाद हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग साहस, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता है।
महराजनगर की इस ऐतिहासिक रामलीला में लक्ष्मण शक्ति का मंचन धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों से परिचित कराते हैं तथा समाज में भाईचारे, प्रेम, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं।
श्रीरामलीला मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेले के माध्यम से लोगों को एक-दूसरे से मिलने, धार्मिक परंपराओं से जुड़ने और सामूहिक रूप से उत्सव मनाने का अवसर मिलता है। स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों की परंपरा को बनाए रखना हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
लक्ष्मण शक्ति जैसे प्रसंग दर्शकों को यह संदेश देते हैं कि जीवन में संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, साहस, विश्वास, सेवा और अपनों के प्रति समर्पण से उसका सामना किया जा सकता है। यही कारण है कि रामलीला के इन प्रसंगों का लोगों के मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
महराजनगर की प्राचीन ऐतिहासिक श्रीरामलीला की परंपरा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। लक्ष्मण शक्ति का कार्यक्रम इसी परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो रामायण के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करता है।
📲Get App