📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjunaraoc
धर्म
पांग ल्हाबसोल महोत्सव ने सिखिम की खंगचेंडजोंगा से पवित्र बंधन को मनाया
✍️ India Today NE
🗓 28 अग. 2026, 10:49 PM
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सिखिम में आयोजित पांग ल्हाबसोल महोत्सव ने खंगचेंडजोंगा पर्वत के प्रति श्रद्धा और सांस्कृतिक परम्पराओं को उजागर किया।
पांग ल्हाबसोल सिखिम में मनाया जाने वाला एक पारम्परिक महोत्सव है, जो राज्य और खंगचेंडजोंगा, उसके सबसे ऊँचे शिखर, के बीच गहरे आध्यात्मिक बंधन को दर्शाता है। इस पर्व में समुदाय मिलकर ऐसे अनुष्ठान करते हैं जो पर्वत को सम्मानित करते हैं, यह मानते हुए कि शिखर भूमि और लोगों की रक्षा करता है।
उत्सव में सामूहिक प्रार्थनाएँ, पारम्परिक संगीत‑नृत्य और खंगचेंडजोंगा को समर्पित स्थानीय मंदिरों में अर्पण शामिल होते हैं। बुजुर्गों द्वारा अनुष्ठान का संचालन किया जाता है, जिससे इस पर्व की पौराणिक कहानियाँ और सांस्कृतिक पहचान नई पीढ़ी तक पहुँचती है।
आयोजक बताते हैं कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आस्था को नहीं, बल्कि सामाजिक एकता को भी सुदृढ़ करता है, क्योंकि सिखिम के विभिन्न गाँव इस पवित्र शिखर के प्रति अपनी श्रद्धा को साझा करते हैं।
उत्सव में सामूहिक प्रार्थनाएँ, पारम्परिक संगीत‑नृत्य और खंगचेंडजोंगा को समर्पित स्थानीय मंदिरों में अर्पण शामिल होते हैं। बुजुर्गों द्वारा अनुष्ठान का संचालन किया जाता है, जिससे इस पर्व की पौराणिक कहानियाँ और सांस्कृतिक पहचान नई पीढ़ी तक पहुँचती है।
आयोजक बताते हैं कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आस्था को नहीं, बल्कि सामाजिक एकता को भी सुदृढ़ करता है, क्योंकि सिखिम के विभिन्न गाँव इस पवित्र शिखर के प्रति अपनी श्रद्धा को साझा करते हैं।