📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / YagyaAshram
धर्म
शिवपुरी के करैरा में पं. धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा टिप्पणी: हनुमान ने किया कृष्ण से बड़ा पर्वत उड़ा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 02 नव. 2026, 03:01 PM
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करैरा, शिवपुरी में आयोजित रामकथा में पं. धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण की पर्वत उठाने की कथा को हनुमान के पूरे पर्वत को उड़ा देने वाले कारनामे से तुलना की, जिससे चर्चा छिड़ गई।
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जो धार्मिक सभाओं में अक्सर सुने जाते हैं, ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा में भाग लिया। इस कार्यक्रम में रामायण के विभिन्न प्रसंगों को सुनाते हुए श्रोताओं ने बड़ी उत्सुकता दिखाई।
शास्त्री ने भगवान कृष्ण द्वारा पर्वत उठाने की कथा का उल्लेख किया और कहा कि यह कृत्य प्रभावशाली है, परंतु हमारे हनुमान ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया, जिससे उनका बल और भक्ति दो गुना सिद्ध होता है।
यह तुलना सुनते ही उपस्थित जनसमुदाय में चर्चा छिड़ गई और सोशल मीडिया पर भी इस टिप्पणी को लेकर बहस शुरू हो गई कि किसका कार्य अधिक महान माना जा सकता है।
शास्त्री ने इस अवसर पर हनुमान की शक्ति और समर्पण को उजागर किया, जो मध्य प्रदेश में अत्यधिक पूज्य है और स्थानीय सांस्कृतिक परम्पराओं में गहरा स्थान रखता है।
स्थानीय समाचार माध्यमों ने इस टिप्पणी को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पारंपरिक कथा‑वाचन अभी भी लोगों के विचारों और मान्यताओं को प्रभावित करता है।
शास्त्री ने भगवान कृष्ण द्वारा पर्वत उठाने की कथा का उल्लेख किया और कहा कि यह कृत्य प्रभावशाली है, परंतु हमारे हनुमान ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया, जिससे उनका बल और भक्ति दो गुना सिद्ध होता है।
यह तुलना सुनते ही उपस्थित जनसमुदाय में चर्चा छिड़ गई और सोशल मीडिया पर भी इस टिप्पणी को लेकर बहस शुरू हो गई कि किसका कार्य अधिक महान माना जा सकता है।
शास्त्री ने इस अवसर पर हनुमान की शक्ति और समर्पण को उजागर किया, जो मध्य प्रदेश में अत्यधिक पूज्य है और स्थानीय सांस्कृतिक परम्पराओं में गहरा स्थान रखता है।
स्थानीय समाचार माध्यमों ने इस टिप्पणी को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पारंपरिक कथा‑वाचन अभी भी लोगों के विचारों और मान्यताओं को प्रभावित करता है।