देश
पन्ना जिला पंचायतों में हो रहे भृष्टाचार
सुगरहा पंचायत चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट रेत की जगह जस्ट से किया गया नाली निर्माण भ्रष्टाचारियों का बोलबाला
सुगरहा पंचायत चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट रेत की जगह जस्ट से किया गया नाली निर्माण भ्रष्टाचारियों का बोलबाला
सरपंच सचिव और उपयंत्री की मिली भगत से सुगरहा पंचायत विकास के नाम पर शासन की राशि को लगाया जा रहा ठिकाने जांच के नाम पर लीपापोती
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हरेक पंचायत को विकास कार्यों के लिए मनचाही राशि दी जाती है लेकिन जनपद में बैठे भ्रष्टाचारियों की मिली भगत से शासन की राशि का बंदर बांट किया जा रहा है ऐसा ही मामला पन्ना जिले के गुनौर जनपद अंतर्गत आने वाली पंचायत सुगरहा में देखने को मिला जहां पर विकास के नाम पर शासन की राशि को खुलेआम सरपंच सचिव और उपयंत्री के द्वारा लूट जा रहा है गांव में नाली निर्माण का कार्य रेता की जगह जस्ट करवाया जैसे ही ग्राम के कुछ युवाओं को जानकारी मिली तो मौके पर देखा गया तो वास्तव में जस्ट से ही नाली निर्माण का काम किया जा रहा था इसी संबंध में ग्रामीणों द्वारा जनपद सीईओ रानू जैन को आवेदन दिया गया की जांच की जाए जनपद सीईओ द्वारा जे ई को जांच के लिए बोला गया लेकिन जनपद सीईओ एवं जे ई की मिली भगत से जांच इंजीनियर रजनीश को सौंप दी गई
जिन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया हो और उन्हीं को जांच सौंप दी जाए तो सवाल कई खड़े होते हैं जनपद में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों से निर्माण कार्य के बारे में बात की गई तो गोल मटोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ लिया जो कि सच बात तो यह है कि भ्रष्टाचार में कई अधिकारी लिप्त है अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे भ्रष्टाचारियों पर जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करेंगे
सरपंच सचिव और उपयंत्री की मिली भगत से सुगरहा पंचायत विकास के नाम पर शासन की राशि को लगाया जा रहा ठिकाने जांच के नाम पर लीपापोती
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हरेक पंचायत को विकास कार्यों के लिए मनचाही राशि दी जाती है लेकिन जनपद में बैठे भ्रष्टाचारियों की मिली भगत से शासन की राशि का बंदर बांट किया जा रहा है ऐसा ही मामला पन्ना जिले के गुनौर जनपद अंतर्गत आने वाली पंचायत सुगरहा में देखने को मिला जहां पर विकास के नाम पर शासन की राशि को खुलेआम सरपंच सचिव और उपयंत्री के द्वारा लूट जा रहा है गांव में नाली निर्माण का कार्य रेता की जगह जस्ट करवाया जैसे ही ग्राम के कुछ युवाओं को जानकारी मिली तो मौके पर देखा गया तो वास्तव में जस्ट से ही नाली निर्माण का काम किया जा रहा था इसी संबंध में ग्रामीणों द्वारा जनपद सीईओ रानू जैन को आवेदन दिया गया की जांच की जाए जनपद सीईओ द्वारा जे ई को जांच के लिए बोला गया लेकिन जनपद सीईओ एवं जे ई की मिली भगत से जांच इंजीनियर रजनीश को सौंप दी गई
जिन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया हो और उन्हीं को जांच सौंप दी जाए तो सवाल कई खड़े होते हैं जनपद में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों से निर्माण कार्य के बारे में बात की गई तो गोल मटोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ लिया जो कि सच बात तो यह है कि भ्रष्टाचार में कई अधिकारी लिप्त है अब देखने वाली बात यह होगी कि ऐसे भ्रष्टाचारियों पर जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करेंगे