पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन,
पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा दिनांक 11.08.2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय शहडोल में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा 03 माह से अधिक अवधि से लंबित साधारण एवं गंभीर अपराध, गुम इंसान प्रकरण, गुम नाबालिग बालिकाओं से संबंधित प्रकरण, 60 दिवस से अधिक अवधि के एससी/एसटी एक्ट के प्रकरण एवं लंबित राहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना के प्रकरणों में सोलेशियम फंड योजना से संबंधित लंबित प्रकरण, 03 माह से अधिक अवधि से लंबित चालान, लंबित मर्ग प्रकरण, प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियां, सी.ए. हेल्पलाइन तथा थानों में संचालित विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल से संबंधित कार्यवाहियों की भी समीक्षा की गई।
पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को लंबित प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बालिका संबंधी प्रकरणों, गुम इंसान प्रकरणों एवं गंभीर अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्यवाही करने तथा अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल द्वारा दिनांक 11.08.2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय शहडोल में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा 03 माह से अधिक अवधि से लंबित साधारण एवं गंभीर अपराध, गुम इंसान प्रकरण, गुम नाबालिग बालिकाओं से संबंधित प्रकरण, 60 दिवस से अधिक अवधि के एससी/एसटी एक्ट के प्रकरण एवं लंबित राहत प्रकरणों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सड़क दुर्घटना के प्रकरणों में सोलेशियम फंड योजना से संबंधित लंबित प्रकरण, 03 माह से अधिक अवधि से लंबित चालान, लंबित मर्ग प्रकरण, प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियां, सी.ए. हेल्पलाइन तथा थानों में संचालित विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल से संबंधित कार्यवाहियों की भी समीक्षा की गई।
पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को लंबित प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बालिका संबंधी प्रकरणों, गुम इंसान प्रकरणों एवं गंभीर अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्यवाही करने तथा अनावश्यक रूप से प्रकरण लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए।