🔥 TRENDING Hema Malini Shares Heartfelt Message t... PVR Inox Offers Free Pav Bhaji with 4... Arunachal Police Rescue 51, Including... Arunachal Launches Awareness Drive on... Arunachal Education Minister Opens New... 3-Year-Old Boy Dies After Tempo Accide...
28 Sep 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
पालीगंज व्यवहार न्यायालय के कर्मचारियों ने भरी हुंकार: कैडर पुनर्गठन से लेकर पुरानी पेंशन तक, रखीं 12 मांगें
Local

पालीगंज व्यवहार न्यायालय के कर्मचारियों ने भरी हुंकार: कैडर पुनर्गठन से लेकर पुरानी पेंशन तक, रखीं 12 मांगें

✍️ Reporter: Rishikesh Kumar 🗓 09 Aug 2026, 06:52 PM 👁 63
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बिहार राज्य सिविल कोर्ट कर्मचारी संघ के आह्वान पर पालीगंज कोर्ट के कर्मचारियों ने कैडर पुनर्गठन, 4600 ग्रेड पे, पुरानी पेंशन योजना और शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति समेत 12 प्रमुख मांगें उठाई हैं।

बिहार राज्य सिविल कोर्ट कर्मचारी संघ एवं न्यायालय कर्मचारी एकता मंच के आह्वान पर पालीगंज व्यवहार न्यायालय के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर जोरदार तरीके से 12 सूत्री मांगें उठाई हैं। कर्मचारियों ने राज्य सरकार से इन सभी मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक पहल करने की अपील की है ताकि उनकी वर्षों से चली आ रही परेशानियों का समाधान हो सके।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यायालय सहायकों का एक जनवरी 2006 से कैडर पुनर्गठन करते हुए 4600 ग्रेड पे में वेतन पुनरीक्षण करना शामिल है। इसके अलावा, कर्मचारियों ने राज्य सरकार एवं न्यायालय के अन्य सहायक व प्रशाखा पदाधिकारियों के समरूप 'समान कार्य के लिए समान वेतन' के निर्धारण की पुरजोर मांग रखी है, जिससे वेतन संबंधी विसंगतियां दूर हो सकें।

द दशकों से लंबित प्रोन्नति के मामलों का अविलंब निपटारा करने की मांग करते हुए कर्मचारियों ने प्रोन्नति के नाम पर जबरन एमएसीपी (MACP) देने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही, सभी संवर्ग के कर्मचारियों के लिए स्पष्ट कार्य दायित्व प्रकाशित करने तथा अनुचित व अतिरिक्त कार्यभार से मुक्ति दिलाने की बात कही गई है ताकि कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे।

न्यायिक कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित भेदभाव को समाप्त करते हुए अन्य राज्य कर्मचारियों की तरह शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति लागू करने की मांग की गई है। साथ ही, कर्मचारियों को उनके गृह जिला या प्रमंडल के अंतर्गत पदस्थापित करने के लिए एक विशेष पोर्टल जारी करने तथा न्यायालय की कार्यप्रणाली को देखते हुए न्यायिक कर्मचारियों के लिए एक अलग विशेष कैडर लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।

शेट्टी आयोग की अनुशंसाओं के आलोक में सभी भत्तों का सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पुनरीक्षण कर लागू करने, कर्मचारियों व उनके परिवारों के लिए निःशुल्क हेल्थ कार्ड जारी करने और केंद्र की तर्ज पर शिक्षा भत्ता देने की मांग की गई है। इसके साथ ही, अन्य राज्यों की भांति पुरानी पेंशन योजना लागू करने, न्यायिक अधिकारियों द्वारा पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर परेशान किए जाने पर रोक लगाने और सरकार से इन समस्याओं पर ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
📲Get App