📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kanwar Rehman Khan
रक्षा
पाकिस्तानी जनरल ने भारत पर धार्मिक घृणा भरी बातें की
✍️ NDTV
🗓 03 अग. 2026, 07:33 AM
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एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से मुसलमानों को गैर-मुसलमानों से मित्रता न करने का आह्वान किया, उन्हें 'काफिर' कहकर भारत को निशाना बनाया, जिससे भारतीय अधिकारियों ने निंदा की।
एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने टेलीविजन पर "काफ़िर" शब्द का उपयोग करते हुए गैर-मुसलमानों से मित्रता न करने का आह्वान किया और भारत को धार्मिक घृणा का निशाना बताया। इस बयान को भारत पर सीधा हमला माना गया, जिसके चलते भारतीय राजनयिकों ने इस पर कड़ी निंदा की और सैन्य से औपचारिक माफी की मांग की।
यह भाषण राज्य-नियंत्रित चैनल पर प्रसारित हुआ और सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिससे भारतीय नागरिक समाज के समूहों ने व्यापक आलोचना की। कई भारतीय राजनेताओं ने कूटनीतिक विरोध जताने का आह्वान किया, जबकि धार्मिक नेताओं ने शांतिपूर्ण संवाद की अपील की।
विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की कठोर रुख का हिस्सा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता को और जटिल बना सकता है। भारत ने अपनी शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है, साथ ही किसी भी प्रकार की धार्मिक असहिष्णुता का विरोध भी किया है।
पाकिस्तानी सैन्य ने अभी तक इस अधिकारी के बयानों पर कोई स्पष्ट वक्तव्य नहीं दिया है। इस बीच, भारतीय अधिकारियों ने घटना की समीक्षा कर उपयुक्त कूटनीतिक कदम तय करने की बात कही।
यह घटना सैन्य नेताओं द्वारा जिम्मेदार वक्तव्य की आवश्यकता और दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ाने से बचने के लिए रचनात्मक संवाद की महत्ता को रेखांकित करती है।
यह भाषण राज्य-नियंत्रित चैनल पर प्रसारित हुआ और सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिससे भारतीय नागरिक समाज के समूहों ने व्यापक आलोचना की। कई भारतीय राजनेताओं ने कूटनीतिक विरोध जताने का आह्वान किया, जबकि धार्मिक नेताओं ने शांतिपूर्ण संवाद की अपील की।
विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की कठोर रुख का हिस्सा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता को और जटिल बना सकता है। भारत ने अपनी शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है, साथ ही किसी भी प्रकार की धार्मिक असहिष्णुता का विरोध भी किया है।
पाकिस्तानी सैन्य ने अभी तक इस अधिकारी के बयानों पर कोई स्पष्ट वक्तव्य नहीं दिया है। इस बीच, भारतीय अधिकारियों ने घटना की समीक्षा कर उपयुक्त कूटनीतिक कदम तय करने की बात कही।
यह घटना सैन्य नेताओं द्वारा जिम्मेदार वक्तव्य की आवश्यकता और दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ाने से बचने के लिए रचनात्मक संवाद की महत्ता को रेखांकित करती है।