📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Miansari66
स्वास्थ्य
अस्पताल में आग में मारे गए शिशुओं के परिवारों को पाकिस्तान ने 5 मिलियन रुपये मुआवजा दिया
✍️ ThePrint
🗓 29 अग. 2026, 08:39 AM
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पाकिस्तानी सरकार ने हाल ही में अस्पताल में हुई आग में मारे गए शिशुओं के प्रत्येक परिवार को पाँच मिलियन रुपये का मुआवजा देने का वादा किया है, दि प्रिंट ने बताया।
इस्तांबुल के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक शोकाकुल परिवार को पाँच मिलियन रुपये का मुआवजा अगले कुछ हफ्तों में संबंधित स्वास्थ्य मंत्रालयों के माध्यम से दिया जाएगा। यह निर्णय एक नवजात शिशु इंटेंसिव केयर यूनिट में हुई दुखद आग के बाद आया, जिसमें कई शिशुओं की जान गई और कई माता‑पिता शोक में डूब गए।
पिछले महीने देर रात हुई इस आग ने फेडरल अधिकारियों को तुरंत जांच शुरू करने पर मजबूर किया, ताकि कारण और अस्पताल में सुरक्षा चूकों का पता लगाया जा सके। जांच जारी है, पर सरकार ने प्रभावित परिवारों को समर्थन देने और पूरे देश में अस्पतालों की सुरक्षा मानकों को सुधारने का संकल्प जताया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. फैसल सुल्तान ने कहा कि यह मुआवजा उन परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करने के लिए है जिन्होंने अपने नवजात शिशु खो दिए हैं, और उन्होंने अस्पतालों को कड़ी अग्नि‑रोकथाम प्रक्रियाएँ अपनाने की अपील की। यह घोषणा शोकाकुल रिश्तेदारों द्वारा सराही गई, पर उन्होंने जवाबदेही और प्रणालीगत सुधारों की भी मांग की।
मुआवजा योजना राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से वित्त पोषित होगी, और परिवारों को राशि प्राप्त करने के लिए आधिकारिक दस्तावेज़ जमा करने होंगे। अधिकारियों ने प्रक्रिया को तेज़ करने और समय पर सहायता सुनिश्चित करने का वादा किया है।
यह घटना पाकिस्तान में अस्पताल बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा पर व्यापक बहस को फिर से उजागर कर रही है, जहाँ नागरिक समाज समूह सरकार से मेडिकल सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा सुधार के लिए अधिक संसाधन आवंटित करने की मांग कर रहे हैं।
पिछले महीने देर रात हुई इस आग ने फेडरल अधिकारियों को तुरंत जांच शुरू करने पर मजबूर किया, ताकि कारण और अस्पताल में सुरक्षा चूकों का पता लगाया जा सके। जांच जारी है, पर सरकार ने प्रभावित परिवारों को समर्थन देने और पूरे देश में अस्पतालों की सुरक्षा मानकों को सुधारने का संकल्प जताया है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. फैसल सुल्तान ने कहा कि यह मुआवजा उन परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान करने के लिए है जिन्होंने अपने नवजात शिशु खो दिए हैं, और उन्होंने अस्पतालों को कड़ी अग्नि‑रोकथाम प्रक्रियाएँ अपनाने की अपील की। यह घोषणा शोकाकुल रिश्तेदारों द्वारा सराही गई, पर उन्होंने जवाबदेही और प्रणालीगत सुधारों की भी मांग की।
मुआवजा योजना राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से वित्त पोषित होगी, और परिवारों को राशि प्राप्त करने के लिए आधिकारिक दस्तावेज़ जमा करने होंगे। अधिकारियों ने प्रक्रिया को तेज़ करने और समय पर सहायता सुनिश्चित करने का वादा किया है।
यह घटना पाकिस्तान में अस्पताल बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा पर व्यापक बहस को फिर से उजागर कर रही है, जहाँ नागरिक समाज समूह सरकार से मेडिकल सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा सुधार के लिए अधिक संसाधन आवंटित करने की मांग कर रहे हैं।