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07 जुल. 2026
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संस्कृत न जानने वाली पद्मश्री अवॉर्डी ने बुना भगवद गीता
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Robert Prummel
जीवनशैली

संस्कृत न जानने वाली पद्मश्री अवॉर्डी ने बुना भगवद गीता

✍️ The Economic Times 🗓 06 जुल. 2026, 10:02 AM 👁 6

एक पद्मश्री अवॉर्डी ने संस्कृत न पढ़ पाने के बावजूद दो साल से अधिक समय लगाकर संपूर्ण भगवद गीता को बुनने का जटिल कार्य पूरा किया है।

एक प्रतिष्ठित पद्मश्री अवॉर्डी ने भगवद गीता को बुनने का एक असाधारण कलात्मक कार्य पूरा किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि को हासिल करने में दो साल से अधिक का समर्पित समय लगा।

जिस संस्कृत भाषा में पवित्र ग्रंथ लिखा गया है, उसे पढ़ने में असमर्थ होने के बावजूद, कलाकार ने अपनी कला के माध्यम से इसके सार को बड़े परिश्रम से पुन: प्रस्तुत किया है। इस अनूठी परियोजना ने भाषाई बाधाओं को पार करते हुए, कलात्मक व्याख्या के माध्यम से धर्मग्रंथ से एक गहरा संबंध प्रदर्शित किया है।

यह परियोजना अपार समर्पण और कौशल का प्रदर्शन करती है, जो आध्यात्मिक पाठ को एक मूर्त बुनी हुई कलाकृति में बदल देती है। बुनाई की तकनीक और कलाकार के स्थान के बारे में विशिष्ट विवरण लीड में प्रदान नहीं किए गए हैं।