📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
कृषि
हरियाणा‑पंजाब में धान की अधिकता से किसानों में तनाव
✍️ Business Standard
🗓 12 अक्टू. 2026, 02:03 AM
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हरियाणा और पंजाब में धान की अधिकता से किसानों को बेचने में दिक्कत और कीमतों में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।
हरियाणा और पंजाब के किसानों को धान की अचानक अधिकता का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बाजार में अधिशेष बनकर किसानों की आय पर दबाव पड़ रहा है। उच्च बुवाई और सरकारी एजेंसियों द्वारा सीमित खरीद के कारण यह अतिरिक्त अनाज राज्य के गोदामों में जमा हो रहा है।
भंडारण क्षमता पर दबाव बढ़ने से कई किसान अपने उत्पादन को उत्पादन लागत से भी कम कीमतों पर बेचने के कगार पर हैं। कीमतों में गिरावट ने छोटे और सीमांत किसानों में तनाव बढ़ा दिया है, जो अपनी आजीविका के लिए धान की बिक्री पर निर्भर हैं।
कृषि अधिकारियों ने स्थिति को स्वीकार किया है और बताया है कि मौजूदा स्टॉक स्तर आगामी रबी सीजन के सामान्य भंडार से अधिक है। उन्होंने व्यापारियों और खरीद एजेंसियों से खरीद को तेज करने और किसानों पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक विपणन चैनलों की खोज करने का आग्रह किया है।
यह अधिशेष आपूर्ति श्रृंखला की व्यापक चुनौतियों को उजागर करता है, जिसमें खरीद शेड्यूल में देरी और बाजार संपर्क की कमी शामिल है, जो इन राज्यों के किसानों की असुरक्षा को और बढ़ा रहा है।
भंडारण क्षमता पर दबाव बढ़ने से कई किसान अपने उत्पादन को उत्पादन लागत से भी कम कीमतों पर बेचने के कगार पर हैं। कीमतों में गिरावट ने छोटे और सीमांत किसानों में तनाव बढ़ा दिया है, जो अपनी आजीविका के लिए धान की बिक्री पर निर्भर हैं।
कृषि अधिकारियों ने स्थिति को स्वीकार किया है और बताया है कि मौजूदा स्टॉक स्तर आगामी रबी सीजन के सामान्य भंडार से अधिक है। उन्होंने व्यापारियों और खरीद एजेंसियों से खरीद को तेज करने और किसानों पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक विपणन चैनलों की खोज करने का आग्रह किया है।
यह अधिशेष आपूर्ति श्रृंखला की व्यापक चुनौतियों को उजागर करता है, जिसमें खरीद शेड्यूल में देरी और बाजार संपर्क की कमी शामिल है, जो इन राज्यों के किसानों की असुरक्षा को और बढ़ा रहा है।