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16 सित. 2026
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ओयस्टर मशरूम खेती ने नागालैंड के किसानों के लिए नई आय के रास्ते खोले
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika Derivative wor
कृषि

ओयस्टर मशरूम खेती ने नागालैंड के किसानों के लिए नई आय के रास्ते खोले

✍️ Vertical Farm Daily 🗓 16 सित. 2026, 01:31 AM 👁 10
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नागालैंड के किसान ओयस्टर मशरूम की खेती को नई आजीविका के रूप में अपना रहे हैं, जैसा कि वर्टिकल फार्म डेली ने बताया।

नागालैंड के कृषि समुदाय ने ओयस्टर मशरूम की खेती को पारंपरिक फसलों के विकल्प के रूप में अपनाया है। यह बदलाव कम इनपुट, उच्च मूल्य वाले उत्पाद की बढ़ती मांग को दर्शाता है, जिसे छोटे खेतों या साधारण वर्टिकल सेट‑अप में उगाया जा सकता है। किसानों ने बताया कि तेज़ वृद्धि चक्र और बाजार में इस फंगस की मांग से उनके आय में विविधता आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल क्षेत्र में सतत खेती को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है।

ओयस्टर मशरूम की खेती को अनियमित मौसम और सीमित कृषि भूमि जैसी पारंपरिक खेती की चुनौतियों का समाधान माना जा रहा है। स्थानीय उपलब्ध सब्सट्रेट का उपयोग करके किसान कुछ हफ्तों में रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वित्तीय जोखिम कम होता है। स्थानीय सहकारी समितियां प्रशिक्षण और सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने में मदद कर रही हैं, जिससे इस क्षेत्र की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं।

वर्टिकल फार्म डेली के अनुसार यह मशरूम पहल अभी प्रारंभिक चरण में है, पर शुरुआती अपनाने वालों ने पहले ही ठोस लाभ देखे हैं। कृषि एजेंसियों के निरंतर समर्थन से यह मॉडल तेज़ी से विकसित हो सकता है और नागालैंड को उत्तरपूर्वी भारत में विशेष मशरूम उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बना सकता है।
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