📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Adbh266
शिक्षा
तेलंगाना स्कूलों में 55.7% छात्रों को अभी भी नई वर्दी नहीं मिली
✍️ Telangana Today
🗓 16 सित. 2026, 03:31 AM
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एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना के स्कूलों में 55.7% छात्रों को अभी तक नई वर्दी नहीं मिली है।
तेलंगाना टुडे द्वारा इस सप्ताह प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 55.7% छात्रों को अभी भी वह नई वर्दी नहीं मिली है, जो इस साल वितरित करने की योजना थी। यह प्रतिशत उन विद्यार्थियों का अनुपात दर्शाता है, जिन्होंने अभी तक नई वर्दी नहीं प्राप्त की, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत इस कैलेंडर वर्ष की शुरुआत में हुई थी।
राज्य शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया यह वर्दी योजना सभी सार्वजनिक स्कूलों के बच्चों को एक समान कपड़े प्रदान करने, आर्थिक असमानता घटाने और उपस्थिति में सुधार करने के उद्देश्य से चलाया गया था। योजना के तहत स्कूलों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में वर्दी के बैच प्राप्त होने थे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस कमी को स्वीकार किया और आपूर्ति श्रृंखला व वितरण प्रक्रिया की पुनः जाँच की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शेष छात्रों तक इस वर्ष के अंत से पहले पहुंचने के लिए प्रयास तेज़ किए जा रहे हैं, क्योंकि शिपमेंट में देरी और इन्वेंटरी रिकॉर्ड में असंगतियों जैसी चुनौतियां सामने आई हैं।
अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता व्यक्त की है कि वर्दी की कमी से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों के मनोबल और भागीदारी पर असर पड़ सकता है, जहाँ वैकल्पिक कपड़े उपलब्ध नहीं होते। विभाग ने स्थानीय स्कूल प्रमुखों को अनलॉकेटेड वर्दी की सूचना देने का आग्रह किया है, ताकि समाधान तेज़ी से हो सके।
राज्य शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया यह वर्दी योजना सभी सार्वजनिक स्कूलों के बच्चों को एक समान कपड़े प्रदान करने, आर्थिक असमानता घटाने और उपस्थिति में सुधार करने के उद्देश्य से चलाया गया था। योजना के तहत स्कूलों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में वर्दी के बैच प्राप्त होने थे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस कमी को स्वीकार किया और आपूर्ति श्रृंखला व वितरण प्रक्रिया की पुनः जाँच की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शेष छात्रों तक इस वर्ष के अंत से पहले पहुंचने के लिए प्रयास तेज़ किए जा रहे हैं, क्योंकि शिपमेंट में देरी और इन्वेंटरी रिकॉर्ड में असंगतियों जैसी चुनौतियां सामने आई हैं।
अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता व्यक्त की है कि वर्दी की कमी से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों के मनोबल और भागीदारी पर असर पड़ सकता है, जहाँ वैकल्पिक कपड़े उपलब्ध नहीं होते। विभाग ने स्थानीय स्कूल प्रमुखों को अनलॉकेटेड वर्दी की सूचना देने का आग्रह किया है, ताकि समाधान तेज़ी से हो सके।