📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Robert Prummel
धर्म
बैतूल के बालाजीपुरम में 500 से अधिक जोड़ों ने एक साथ किया करवा चौथ पूजन
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अक्टू. 2026, 10:15 PM
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बैतूल के बालाजीपुरम स्थित श्री रुक्मणि बालाजी मंदिर में 500 से अधिक जोड़े एक साथ करवा चौथ का पूजन कर रहे हैं, जो 2003 से चलती आ रही परंपरा है।
बैतूल जिले के बालाजीपुरम में स्थित श्री रुक्मणि बालाजी मंदिर में 500 से अधिक विवाहित जोड़े एक साथ करवा चौथ का पूजन करने के लिए इकट्ठा हुए। इस पावन अवसर पर महिलाएँ चाँद देख कर उपवास तोड़ती हैं, जबकि उनके पति दीर्घायु की कामना के साथ प्रार्थना करते हैं।
यह सामूहिक पूजा 2003 से चल रही परंपरा है, जिससे इस आयोजन को अब बीस वर्ष से अधिक का इतिहास मिल गया है। मंदिर प्रबंधन सभी युगल के लिए एक ही वेदी पर अर्पण करने की व्यवस्था करता है, जिससे सामुदायिक भावना को बल मिलता है।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस माहौल को “दैवीय” और “हर्षित” बताया, और कहा कि एक साथ पूजा करने से जोड़ों में एकजुटता का अनुभव होता है। देश के पाँच प्रमुख धामों में से एक माने जाने वाले इस मंदिर ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर करवा चौथ समारोहों का केंद्र बन गया है।
स्थानीय मीडिया ने इस कार्यक्रम के बड़े पैमाने को उजागर किया, यह रेखांकित करते हुए कि यह समन्वित पूजा दो दशकों से चल रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाती है।
यह सामूहिक पूजा 2003 से चल रही परंपरा है, जिससे इस आयोजन को अब बीस वर्ष से अधिक का इतिहास मिल गया है। मंदिर प्रबंधन सभी युगल के लिए एक ही वेदी पर अर्पण करने की व्यवस्था करता है, जिससे सामुदायिक भावना को बल मिलता है।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस माहौल को “दैवीय” और “हर्षित” बताया, और कहा कि एक साथ पूजा करने से जोड़ों में एकजुटता का अनुभव होता है। देश के पाँच प्रमुख धामों में से एक माने जाने वाले इस मंदिर ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर करवा चौथ समारोहों का केंद्र बन गया है।
स्थानीय मीडिया ने इस कार्यक्रम के बड़े पैमाने को उजागर किया, यह रेखांकित करते हुए कि यह समन्वित पूजा दो दशकों से चल रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाती है।