📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / gouravshah
धर्म
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के छठे दिन 21,100 से अधिक प्रतिमाएँ विसर्जित
✍️ Amar Ujala · Maharashtra
🗓 20 सित. 2026, 07:08 AM
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महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के छठे दिन 21,000 से अधिक प्रतिमाओं का जल में विसर्जन हुआ, जो इस उत्सव का प्रमुख समापन दर्शाता है।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के छठे दिन बड़े पैमाने पर प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ, जहाँ 21,100 से अधिक गणेश प्रतिमाएँ नदियों, तालाबों और अन्य जल निकायों में डाली गईं। स्थानीय प्राधिकरणों के आंकड़े इस उत्सव के समापन अनुष्ठानों की विशालता को दर्शाते हैं।
मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शहरों में नगर निगम ने प्रतिमाओं के परिवहन के लिए अस्थायी विसर्जन स्थल स्थापित किए और भीड़ नियंत्रण के उपाय किए। स्वयंसेवकों और भक्तों ने मिलकर प्रतिमाओं को जल में उतारने में मदद की, जिनमें से कई पारंपरिक मिट्टी की बनी थीं और रंग‑बिरंगी थीं।
इतनी बड़ी संख्या में विसर्जन करना उत्सव की लोकप्रियता और इसके साथ जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों दोनों को उजागर करता है। अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफ़िक जाम को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
गणेशोत्सव, जो भगवान गणेश के आगमन का जश्न मनाता है, परम्परागत रूप से जल में प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ समाप्त होता है। इस वर्ष का छठा दिन महाराष्ट्र में अब तक दर्ज सबसे अधिक प्रतिमा विसर्जन में से एक रहा।
मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शहरों में नगर निगम ने प्रतिमाओं के परिवहन के लिए अस्थायी विसर्जन स्थल स्थापित किए और भीड़ नियंत्रण के उपाय किए। स्वयंसेवकों और भक्तों ने मिलकर प्रतिमाओं को जल में उतारने में मदद की, जिनमें से कई पारंपरिक मिट्टी की बनी थीं और रंग‑बिरंगी थीं।
इतनी बड़ी संख्या में विसर्जन करना उत्सव की लोकप्रियता और इसके साथ जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों दोनों को उजागर करता है। अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफ़िक जाम को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
गणेशोत्सव, जो भगवान गणेश के आगमन का जश्न मनाता है, परम्परागत रूप से जल में प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ समाप्त होता है। इस वर्ष का छठा दिन महाराष्ट्र में अब तक दर्ज सबसे अधिक प्रतिमा विसर्जन में से एक रहा।