📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kerala Police
अपराध
केरल में 100 से अधिक लोगों ने ‘ई‑बुक पढ़ें, पैसे कमाएँ’ ऐप घोटाले में ₹1.25 करोड़ खोए
✍️ Business Today
🗓 30 अग. 2026, 12:18 PM
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केरल में 100 से अधिक उपयोगकर्ताओं ने ‘ई‑बुक पढ़ें, पैसे कमाएँ’ नामक धोखाधड़ी ऐप से ₹1.25 करोड़ का नुकसान उठाया।
केरल में एक मोबाइल एप्लिकेशन को लेकर शिकायतों की लहर चल रही है, जिसे ‘ई‑बुक पढ़ें, पैसे कमाएँ’ का वादा करके चलाया गया था, पर वह एक घोटाला निकला। 100 से अधिक लोगों ने मिलकर लगभग ₹1.25 करोड़ का नुकसान उठाया, जैसा कि स्थानीय पुलिस ने बताया है।
यह ऐप सोशल मीडिया और मैसेजिंग समूहों के माध्यम से प्रचारित किया गया, जिसमें कहा गया कि प्रत्येक पढ़े गए पृष्ठ या अध्याय के बदले निश्चित राशि मिलेगी। उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण, छोटी सदस्यता शुल्क का भुगतान और फिर भुगतान की प्रतीक्षा करने को कहा गया, जो कभी नहीं आया। कई लोग आसान आय के लालच में फँसकर इस ऐप के संचालकों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर बैठे।
केरल पुलिस ने इस योजना के अज्ञात प्रमोटरों के खिलाफ साइबर‑क्राइम जांच शुरू कर दी है और FIR दर्ज की है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि कम मेहनत में बड़ी कमाई का वादा करने वाले ऐप्स से सावधान रहें और कोई भी भुगतान करने से पहले उनकी वैधता की पुष्टि करें।
यह मामला भारत में स्मार्टफ़ोन उपयोगकर्ताओं को लक्षित करने वाले डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते रुझान में एक नया उदाहरण है, जहाँ घोटालेबाज गिग‑इकॉनमी की कहानियों का फायदा उठाते हैं। अधिकारियों ने समान योजनाओं की निगरानी जारी रखी है और नागरिकों को संदेहास्पद ऐप्स की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी है।
यह ऐप सोशल मीडिया और मैसेजिंग समूहों के माध्यम से प्रचारित किया गया, जिसमें कहा गया कि प्रत्येक पढ़े गए पृष्ठ या अध्याय के बदले निश्चित राशि मिलेगी। उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण, छोटी सदस्यता शुल्क का भुगतान और फिर भुगतान की प्रतीक्षा करने को कहा गया, जो कभी नहीं आया। कई लोग आसान आय के लालच में फँसकर इस ऐप के संचालकों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर बैठे।
केरल पुलिस ने इस योजना के अज्ञात प्रमोटरों के खिलाफ साइबर‑क्राइम जांच शुरू कर दी है और FIR दर्ज की है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि कम मेहनत में बड़ी कमाई का वादा करने वाले ऐप्स से सावधान रहें और कोई भी भुगतान करने से पहले उनकी वैधता की पुष्टि करें।
यह मामला भारत में स्मार्टफ़ोन उपयोगकर्ताओं को लक्षित करने वाले डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते रुझान में एक नया उदाहरण है, जहाँ घोटालेबाज गिग‑इकॉनमी की कहानियों का फायदा उठाते हैं। अधिकारियों ने समान योजनाओं की निगरानी जारी रखी है और नागरिकों को संदेहास्पद ऐप्स की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी है।