📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / zadeus
बिज़नेस
एनएसई में विकल्प ट्रेडिंग का कारोबार घटा, आईपीओ की तैयारी के बीच
✍️ NDTV Profit
🗓 27 अग. 2026, 05:18 AM
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राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज ने आईपीओ की तैयारी के दौरान विकल्प ट्रेडिंग के कारोबार में गिरावट दर्ज की। विशेषज्ञों का मानना है कि कम सट्टा गतिविधि इसका मुख्य कारण है।
राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), जो भारत का सबसे बड़ा इक्विटी बाजार है, ने हालिया ट्रेडिंग सत्र में विकल्प ट्रेडिंग के कारोबार में स्पष्ट गिरावट दर्ज की। एक्सचेंज द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विकल्प अनुबंधों का कुल मूल्य पिछले हफ्ते की तुलना में कम रहा, जिससे बाजार की सक्रियता में कमी आई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट आगामी प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) की तैयारी के कारण है, जिसके लिए निवेशकों का ध्यान अब इस लिस्टिंग पर केंद्रित है और सट्टा ट्रेडिंग पीछे हट गई है।
एक्सचेंज के अधिकारियों ने कहा कि यह कम कारोबार अस्थायी है और आईपीओ प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, न कि समग्र बाजार की कमजोरी का संकेत। उन्होंने यह भी बताया कि आईपीओ शुरू होते ही सभी वर्गों में सामान्य ट्रेडिंग वॉल्यूम फिर से लौट आएगा।
ब्रोकरों ने बताया कि ग्राहकों की रुचि आईपीओ में शामिल कंपनियों के इक्विटी शेयरों की ओर स्थानांतरित हो गई है, जिससे विकल्प ट्रेडिंग में कमी आई है। एनएसई ने कहा कि लिस्टिंग सक्रिय होने पर वह सभी सेक्टरों में तरलता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
समग्र रूप से, विकल्प कारोबार में गिरावट यह दर्शाती है कि बड़े कॉर्पोरेट इवेंट्स भारतीय प्रमुख एक्सचेंज पर ट्रेडिंग पैटर्न को अस्थायी रूप से बदल सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट आगामी प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) की तैयारी के कारण है, जिसके लिए निवेशकों का ध्यान अब इस लिस्टिंग पर केंद्रित है और सट्टा ट्रेडिंग पीछे हट गई है।
एक्सचेंज के अधिकारियों ने कहा कि यह कम कारोबार अस्थायी है और आईपीओ प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, न कि समग्र बाजार की कमजोरी का संकेत। उन्होंने यह भी बताया कि आईपीओ शुरू होते ही सभी वर्गों में सामान्य ट्रेडिंग वॉल्यूम फिर से लौट आएगा।
ब्रोकरों ने बताया कि ग्राहकों की रुचि आईपीओ में शामिल कंपनियों के इक्विटी शेयरों की ओर स्थानांतरित हो गई है, जिससे विकल्प ट्रेडिंग में कमी आई है। एनएसई ने कहा कि लिस्टिंग सक्रिय होने पर वह सभी सेक्टरों में तरलता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
समग्र रूप से, विकल्प कारोबार में गिरावट यह दर्शाती है कि बड़े कॉर्पोरेट इवेंट्स भारतीय प्रमुख एक्सचेंज पर ट्रेडिंग पैटर्न को अस्थायी रूप से बदल सकते हैं।