📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
अपराध
ऑपिनियन लेख में पूछी गई सवाल: भारत में कस्टोडियल मौतें नई गुप्त हत्या का रूप
✍️ Telangana Today
🗓 25 सित. 2026, 02:48 AM
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तेलंगाना टुडे ने एक राय लेख प्रकाशित किया, जिसमें पुलिस एन्काउंटर से कस्टोडियल मौतों की ओर बदलाव और भारत में गुप्त हत्या के नए तरीकों पर सवाल उठाए गए हैं।
तेलंगाना टुडे ने “एन्काउंटर से कस्टोडियल मौतों तक: क्या भारत गुप्त हत्या को छुपाने के नए तरीके खोज रहा है?” शीर्षक से एक राय लेख प्रकाशित किया। इस लेख में बताया गया है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सार्वजनिक शूट‑आउट (एन्काउंटर) की जगह अब पुलिस हिरासत में हुई मौतों की ओर रुख कर रही हैं।
लेखक का तर्क है कि कस्टोडियल मौतें खुले‑आम एन्काउंटर की तुलना में कम जांची‑परखी जाती हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। इस बदलाव को गुप्त रूप से गैर‑कानूनी हत्याओं को छुपाने का साधन माना गया है, जहाँ मौत को प्राकृतिक कारण या चिकित्सा लापरवाही के रूप में पेश किया जाता है।
हालाँकि लेख में कोई विशिष्ट मामला नहीं दिया गया, लेकिन यह देश भर में देखी गई एक व्यापक प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है। यह नागरिक समाज और न्यायपालिका से सभी प्रकार की राज्य‑प्रेरित हत्या की जांच में कड़ी निगरानी और पारदर्शिता की मांग करता है।
राय लेख में अधिक सख्त निगरानी तंत्र और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया गया है, ताकि अधिकारियों द्वारा हुई किसी भी मौत की कानूनी जाँच सुनिश्चित की जा सके।
लेखक का तर्क है कि कस्टोडियल मौतें खुले‑आम एन्काउंटर की तुलना में कम जांची‑परखी जाती हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। इस बदलाव को गुप्त रूप से गैर‑कानूनी हत्याओं को छुपाने का साधन माना गया है, जहाँ मौत को प्राकृतिक कारण या चिकित्सा लापरवाही के रूप में पेश किया जाता है।
हालाँकि लेख में कोई विशिष्ट मामला नहीं दिया गया, लेकिन यह देश भर में देखी गई एक व्यापक प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है। यह नागरिक समाज और न्यायपालिका से सभी प्रकार की राज्य‑प्रेरित हत्या की जांच में कड़ी निगरानी और पारदर्शिता की मांग करता है।
राय लेख में अधिक सख्त निगरानी तंत्र और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया गया है, ताकि अधिकारियों द्वारा हुई किसी भी मौत की कानूनी जाँच सुनिश्चित की जा सके।