📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Österreichisches Außenministerium
विदेश
OPEC+ देशों ने नवंबर में तेल उत्पादन स्थिर रखा, कीमतें बढ़ रही हैं
✍️ Aaj Tak
🗓 05 अक्टू. 2026, 06:48 AM
👁 21
OPEC+ के सदस्यों ने, जिनमें सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं, नवंबर में तेल उत्पादन स्थिर रखने पर सहमति जताई, जबकि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण $100 से ऊपर बढ़ गई हैं।
रविवार को OPEC+ के सदस्यों ने वर्चुअल बैठक में नवंबर के लिए तेल उत्पादन को स्थिर रखने का निर्णय लिया, जिससे वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
इस निर्णय में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान जैसे प्रमुख उत्पादक शामिल थे, जिन्होंने अपने वर्तमान उत्पादन स्तर को बनाए रखने पर सहमति जताई।
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें $100 से ऊपर बढ़ गई हैं, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण है। उच्च कीमतों ने आपूर्ति में व्यवधान की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
उत्पादन को स्थिर रखकर, OPEC+ आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन स्थापित करना चाहता है, जिससे आगे की कीमतों में वृद्धि रोकी जा सके और भू‑राजनीतिक अनिश्चितताओं का सामना किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय अल्पकालिक राहत प्रदान करेगा, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव संघर्ष के विकास और अन्य उत्पादकों द्वारा उत्पादन समायोजन पर निर्भर करेगा।
इस निर्णय में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान जैसे प्रमुख उत्पादक शामिल थे, जिन्होंने अपने वर्तमान उत्पादन स्तर को बनाए रखने पर सहमति जताई।
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें $100 से ऊपर बढ़ गई हैं, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण है। उच्च कीमतों ने आपूर्ति में व्यवधान की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
उत्पादन को स्थिर रखकर, OPEC+ आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन स्थापित करना चाहता है, जिससे आगे की कीमतों में वृद्धि रोकी जा सके और भू‑राजनीतिक अनिश्चितताओं का सामना किया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय अल्पकालिक राहत प्रदान करेगा, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव संघर्ष के विकास और अन्य उत्पादकों द्वारा उत्पादन समायोजन पर निर्भर करेगा।