📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anthony Quintano
शिक्षा
250 भारतीय जिलों में 25% युवा न पढ़ते न काम करते, सर्वेक्षण बताता है
✍️ The Times of India
🗓 19 सित. 2026, 07:01 AM
👁 16
टाइम्स ऑफ इंडिया के सर्वे में 250 जिलों में 25% युवा न पढ़ते हैं न काम करते, यह बड़ी चुनौती दर्शाता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने भारत के 250 जिलों में युवा वर्ग की शिक्षा और रोजगार स्थिति का सर्वेक्षण किया। परिणाम दर्शाते हैं कि हर चार में से एक युवा न तो पढ़ रहा है न ही काम कर रहा है, जिससे एक बड़ा वर्ग शिक्षा‑रोजगार से बाहर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा शिक्षा और कार्य अवसरों के बीच मौजूद अंतर को उजागर करता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ आर्थिक विकास असमान रहा है। सर्वेक्षण में आयु वर्ग का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, परन्तु "युवा" शब्द आमतौर पर किशोरावस्था के अंत से लेकर तीस की उम्र तक के लोगों को दर्शाता है।
नीति निर्माताओं से अनुरोध है कि वे व्यावसायिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करें, उच्च शिक्षा तक पहुँच बढ़ाएँ और प्रारम्भिक स्तर के रोजगार के अवसर सृजित करें। टाइम्स ऑफ इंडिया विस्तृत रिपोर्ट जारी करने की योजना बना रहा है, जो इस 25% अंतर को कम करने के लिए दिशा‑निर्देश प्रदान कर सकती है।
राज्य सरकारें और निजी क्षेत्र के साझेदार इस निष्कर्ष की समीक्षा कर लक्षित कार्यक्रम तैयार कर सकते हैं, जिससे इन युवाओं को फिर से उत्पादक मार्गों में सम्मिलित किया जा सके।
सर्वेक्षण इस बात पर बल देता है कि शिक्षा‑रोजगार से बाहर रहने वाले इस पीढ़ी को पुनः सक्रिय करने के लिए समन्वित कदम उठाना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा शिक्षा और कार्य अवसरों के बीच मौजूद अंतर को उजागर करता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ आर्थिक विकास असमान रहा है। सर्वेक्षण में आयु वर्ग का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, परन्तु "युवा" शब्द आमतौर पर किशोरावस्था के अंत से लेकर तीस की उम्र तक के लोगों को दर्शाता है।
नीति निर्माताओं से अनुरोध है कि वे व्यावसायिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करें, उच्च शिक्षा तक पहुँच बढ़ाएँ और प्रारम्भिक स्तर के रोजगार के अवसर सृजित करें। टाइम्स ऑफ इंडिया विस्तृत रिपोर्ट जारी करने की योजना बना रहा है, जो इस 25% अंतर को कम करने के लिए दिशा‑निर्देश प्रदान कर सकती है।
राज्य सरकारें और निजी क्षेत्र के साझेदार इस निष्कर्ष की समीक्षा कर लक्षित कार्यक्रम तैयार कर सकते हैं, जिससे इन युवाओं को फिर से उत्पादक मार्गों में सम्मिलित किया जा सके।
सर्वेक्षण इस बात पर बल देता है कि शिक्षा‑रोजगार से बाहर रहने वाले इस पीढ़ी को पुनः सक्रिय करने के लिए समन्वित कदम उठाना आवश्यक है।