📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Miftahi, Uploaded by Owais Al Qarni
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पुरानी भारतीय ध्वजारोहण वीडियो को अफगान मुसलमानों के रूप में गलत साझा किया गया
✍️ FACTLY
🗓 18 अग. 2026, 06:36 AM
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डरुल उलूम देओबंद में भारतीय ध्वजारोहण की एक पुरानी वीडियो को अफगान मुसलमानों द्वारा ध्वजारोहण के रूप में गलत तरीके से साझा किया गया है।
डरुल उलूम देओबंद, भारत के एक प्रमुख इस्लामी संस्थान, में भारतीय ध्वजारोहण की एक पुरानी वीडियो को हाल ही में ऑनलाइन अफगान मुसलमानों द्वारा ध्वजारोहण के रूप में गलत तरीके से साझा किया गया। यह फुटेज कई वर्षों पुराना है और इसे अफगानिस्तान में किसी समकालीन कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया गया। तथ्य‑जांच संस्था FACTLY ने पुष्टि की कि यह वीडियो डरुल उलूम देओबंद से है और किसी भी अफगानी सभा से संबंधित नहीं है। इस गलत प्रस्तुति ने सोशल मीडिया पर भ्रम पैदा किया। उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे वीडियो को साझा करने से पहले स्रोत की पुष्टि करें, क्योंकि गलत जानकारी से गलतफहमी और सांस्कृतिक संदर्भों का विकृतिकरण हो सकता है।