📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
मनोरंजन
ओडिशा के फिल्म निर्माता निला माधव पांडा को पुनर्गठित CBFC बोर्ड में नियुक्त
✍️ Pragativadi
🗓 17 सित. 2026, 06:46 AM
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ओडिशा के अनुभवी फिल्म निर्माता निला माधव पांडा को पुनर्गठित सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है, यह जानकारी प्रगतिवादी ने दी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने घोषणा की कि ओडिशा के प्रसिद्ध निर्देशक और निर्माता निला माधव पांडा को पुनर्गठित सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) में सदस्य के रूप में चुना गया है। यह नियुक्ति बोर्ड की संरचना को नवीनीकृत करने और भारत में फिल्म सामग्री की निगरानी को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
पांडा, जिनकी सामाजिक विषयों पर आधारित फ़िल्में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई हैं, अन्य सदस्यों के साथ मिलकर फिल्मों की समीक्षा और सार्वजनिक प्रदर्शित होने से पहले प्रमाणन करने का कार्य करेंगे। उनकी रचनात्मक दृष्टिकोण से बोर्ड की चर्चाओं में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पुनर्गठित बोर्ड जल्द ही अपना कार्य आरंभ करेगा, जिसका उद्देश्य फिल्म प्रमाणन को समकालीन सांस्कृतिक संवेदनाओं के अनुरूप बनाते हुए कानूनी मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। नियुक्ति की अवधि या अन्य सदस्यों के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि पांडा की भागीदारी सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने वाली सामग्री के प्रति बोर्ड के रुख को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि उनके कार्यों में इन विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है।
यह जानकारी क्षेत्रीय दैनिक प्रगतिवादी ने रिपोर्ट की, जिससे नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि हुई।
पांडा, जिनकी सामाजिक विषयों पर आधारित फ़िल्में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई हैं, अन्य सदस्यों के साथ मिलकर फिल्मों की समीक्षा और सार्वजनिक प्रदर्शित होने से पहले प्रमाणन करने का कार्य करेंगे। उनकी रचनात्मक दृष्टिकोण से बोर्ड की चर्चाओं में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पुनर्गठित बोर्ड जल्द ही अपना कार्य आरंभ करेगा, जिसका उद्देश्य फिल्म प्रमाणन को समकालीन सांस्कृतिक संवेदनाओं के अनुरूप बनाते हुए कानूनी मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। नियुक्ति की अवधि या अन्य सदस्यों के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि पांडा की भागीदारी सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने वाली सामग्री के प्रति बोर्ड के रुख को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि उनके कार्यों में इन विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है।
यह जानकारी क्षेत्रीय दैनिक प्रगतिवादी ने रिपोर्ट की, जिससे नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि हुई।