📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kamalakant Nayak
सरकारी योजना
ओडिशा संस्कृति मंत्री ने 10 करोड़ रुपये अनुदान और प्लास्टिक‑फ्री कटक बाली यात्रा 2026 की घोषणा
✍️ Pragativadi
🗓 04 नव. 2026, 01:31 AM
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राज्य के संस्कृति मंत्री ने कटक बाली यात्रा 2026 के लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान और प्लास्टिक‑मुक्त आयोजन की घोषणा की।
ओडिशा के संस्कृति मंत्री ने 2026 में आयोजित होने वाले कटक बाली यात्रा के लिए 10 करोड़ रुपये का वित्तीय पैकेज घोषित किया। यह अनुदान कार्यक्रम की बुनियादी सुविधाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रचार गतिविधियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिया गया है।
धनराशि के साथ ही मंत्री ने बताया कि 2026 की कटक बाली यात्रा में एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया जाएगा, जिससे राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों के साथ तालमेल बना रहे। आयोजकों को भोजन, पैकेजिंग और स्मृति‑चिह्नों के लिए पुन: उपयोग योग्य या बायोडिग्रेडेबल विकल्प अपनाने का निर्देश दिया गया है।
कटक में पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाला कटक बाली यात्रा, ओडिशा की समुद्री विरासत को प्रदर्शित करता है और देश भर से पर्यटकों, कारीगरों और विद्वानों को आकर्षित करता है। प्लास्टिक‑मुक्त पहल को सतत पर्यटन और स्वच्छ शहरी वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
राज्य के अधिकारी बताते हैं कि अनुदान और पर्यावरण‑सुरक्षित उपायों की निगरानी संस्कृति विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जाएगी, ताकि निधियों का सही उपयोग और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
धनराशि के साथ ही मंत्री ने बताया कि 2026 की कटक बाली यात्रा में एक बार उपयोग होने वाले प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया जाएगा, जिससे राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों के साथ तालमेल बना रहे। आयोजकों को भोजन, पैकेजिंग और स्मृति‑चिह्नों के लिए पुन: उपयोग योग्य या बायोडिग्रेडेबल विकल्प अपनाने का निर्देश दिया गया है।
कटक में पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाला कटक बाली यात्रा, ओडिशा की समुद्री विरासत को प्रदर्शित करता है और देश भर से पर्यटकों, कारीगरों और विद्वानों को आकर्षित करता है। प्लास्टिक‑मुक्त पहल को सतत पर्यटन और स्वच्छ शहरी वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
राज्य के अधिकारी बताते हैं कि अनुदान और पर्यावरण‑सुरक्षित उपायों की निगरानी संस्कृति विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जाएगी, ताकि निधियों का सही उपयोग और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।