📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ganesh Dhamodkar
राजनीति
ओबीसी ने जातनिहाय जनगणना की मांग में किया देशव्यापी रैलियों का आह्वान
✍️ News18 Marathi
🗓 20 सित. 2026, 03:15 PM
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ओबीसी संगठनों ने सरकार से अगले जनगणना में जातनिहाय जनगणना करने की मांग करते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।
ओबीसी संघों ने कई शहरों में समर्थकों को जुटाते हुए अगले राष्ट्रीय जनगणना में जातनिहाय गणना की मांग की है। उनका तर्क है कि विस्तृत जातीय डेटा समान आरक्षण नीतियों के निर्माण और पिछड़े वर्गों की सामाजिक‑आर्थिक स्थिति को समझने के लिये आवश्यक है।
प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्रालय को एक याचिका प्रस्तुत की है, जिसमें जनगणना में विस्तृत जाति वर्गीकरण को शामिल करने की मांग की गई है। वे कहते हैं कि इस डेटा के अभाव में ओबीसी की जनसंख्या हिस्सेदारी का सही आकलन नहीं हो पाता, जिससे नीति निर्माण में बाधा आती है।
सरकारी पक्ष ने अभी तक इन मांगों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जातनिहाय जनगणना का राजनीतिक प्रभाव बड़ा हो सकता है, जो भविष्य की चुनावी रणनीतियों और आरक्षण बहस को प्रभावित करेगा।
ओबीसी आंदोलन ने आगे के हफ्तों में अतिरिक्त रैलियों का आयोजन किया है, जिससे जनगणना शुरू होने से पहले केंद्र सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की जा रही है।
नागरिक समाज और विभिन्न राजनीतिक दल इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि इसका परिणाम भारत में सकारात्मक कार्रवाई की दिशा को पुनः परिभाषित कर सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्रालय को एक याचिका प्रस्तुत की है, जिसमें जनगणना में विस्तृत जाति वर्गीकरण को शामिल करने की मांग की गई है। वे कहते हैं कि इस डेटा के अभाव में ओबीसी की जनसंख्या हिस्सेदारी का सही आकलन नहीं हो पाता, जिससे नीति निर्माण में बाधा आती है।
सरकारी पक्ष ने अभी तक इन मांगों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जातनिहाय जनगणना का राजनीतिक प्रभाव बड़ा हो सकता है, जो भविष्य की चुनावी रणनीतियों और आरक्षण बहस को प्रभावित करेगा।
ओबीसी आंदोलन ने आगे के हफ्तों में अतिरिक्त रैलियों का आयोजन किया है, जिससे जनगणना शुरू होने से पहले केंद्र सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की जा रही है।
नागरिक समाज और विभिन्न राजनीतिक दल इस विकास को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि इसका परिणाम भारत में सकारात्मक कार्रवाई की दिशा को पुनः परिभाषित कर सकता है।