📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
शिक्षा
ग्वालियर में नर्सिंग छात्रों का कलेक्टरेट में प्रदर्शन, छात्रा की तबीयत बिगड़ी
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 26 अग. 2026, 12:36 PM
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परीक्षा, रिजल्ट और कॉलेज मान्यता को लेकर छह दिन के प्रदर्शन के बाद, ग्वालियर में नर्सिंग छात्रों ने छात्रा की तबीयत बिगड़ने और एम्बुलेंस में देरी पर हंगामा किया।
ग्वालियर, मध्य प्रदेश – नर्सिंग छात्रों ने परीक्षा तिथियों, रिजल्ट की घोषणा और कॉलेजों की मान्यता को लेकर जिला कलेक्टरेट में छह दिन तक धरना दिया। कई नर्सिंग कॉलेजों के सहयोग से आयोजित यह प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहा है, पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।
शनिवार को एक छात्रा को अचानक स्वास्थ्य समस्या होने के बाद स्थिति बिगड़ गई। गवाहों के अनुसार, कलेक्टरेट में बुलाए गए एम्बुलेंस में काफी देरी हुई, जिससे भीड़ ने शांतिपूर्ण धरने को तोड़ते हुए नारों की लहर शुरू कर दी।
छात्रों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तुरंत चिकित्सा सहायता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की मांग की। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए तैनात किया गया, पर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
छात्र समूह ने कहा कि उनके मुद्दों के समाधान के बिना वे धरना नहीं छोड़ेंगे। अधिकारियों ने कहा कि वे छात्रों की चिंताओं की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
यह घटना राज्य में नर्सिंग प्रशिक्षण के दौरान बढ़ती असंतुष्टि को उजागर करती है, जहाँ ब्यूरेक्रेटिक अड़चनें और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में देरी छात्रों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।
शनिवार को एक छात्रा को अचानक स्वास्थ्य समस्या होने के बाद स्थिति बिगड़ गई। गवाहों के अनुसार, कलेक्टरेट में बुलाए गए एम्बुलेंस में काफी देरी हुई, जिससे भीड़ ने शांतिपूर्ण धरने को तोड़ते हुए नारों की लहर शुरू कर दी।
छात्रों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तुरंत चिकित्सा सहायता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की मांग की। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए तैनात किया गया, पर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
छात्र समूह ने कहा कि उनके मुद्दों के समाधान के बिना वे धरना नहीं छोड़ेंगे। अधिकारियों ने कहा कि वे छात्रों की चिंताओं की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।
यह घटना राज्य में नर्सिंग प्रशिक्षण के दौरान बढ़ती असंतुष्टि को उजागर करती है, जहाँ ब्यूरेक्रेटिक अड़चनें और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में देरी छात्रों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।