📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jeffrey Zeldman from Manhattan, USA
बिज़नेस
एनएसई सीईओ ने स्पष्ट किया: यूपीआई MDR सरकार का विषय नहीं
✍️ newsable.asianetnews.com
🗓 26 सित. 2026, 09:17 PM
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एनएसई के प्रमुख ने कहा कि यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट पर सरकार के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है, यह ब्रोकरों का मामला है।
एनएसई के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर सरकार के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है। सीईओ ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क ब्रोकरों द्वारा संभाला जाने वाला एक वाणिज्यिक व्यवस्था है, न कि सरकार का नीति विषय।
यह बयान उस समय दिया गया जब यह अटकलें चल रही थीं कि नियामक प्राधिकरण यूपीआई शुल्क संरचना में हस्तक्षेप कर सकते हैं। एनएसई के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि यह शुल्क बैंक और भुगतान सेवा प्रदाताओं के बीच बातचीत का परिणाम है, और सरकार का इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं है।
सीईओ ने यह टिप्पणी एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की, यह बताते हुए कि यूपीआई MDR अभी भी निजी क्षेत्र का मामला है। उन्होंने जोड़ा कि किसी भी बदलाव का निर्णय बाज़ार के प्रतिभागियों द्वारा लिया जाएगा, न कि सरकारी निर्देशों से।
इस स्पष्टिकरण से व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों की अपेक्षाओं पर असर पड़ सकता है, यह संकेत देते हुए कि यूपीआई शुल्क पर नियामक निगरानी सीमित है और ब्रोकर ही मूल्य निर्धारण ढांचे को प्रबंधित करेंगे।
यह बयान उस समय दिया गया जब यह अटकलें चल रही थीं कि नियामक प्राधिकरण यूपीआई शुल्क संरचना में हस्तक्षेप कर सकते हैं। एनएसई के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि यह शुल्क बैंक और भुगतान सेवा प्रदाताओं के बीच बातचीत का परिणाम है, और सरकार का इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं है।
सीईओ ने यह टिप्पणी एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान की, यह बताते हुए कि यूपीआई MDR अभी भी निजी क्षेत्र का मामला है। उन्होंने जोड़ा कि किसी भी बदलाव का निर्णय बाज़ार के प्रतिभागियों द्वारा लिया जाएगा, न कि सरकारी निर्देशों से।
इस स्पष्टिकरण से व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों की अपेक्षाओं पर असर पड़ सकता है, यह संकेत देते हुए कि यूपीआई शुल्क पर नियामक निगरानी सीमित है और ब्रोकर ही मूल्य निर्धारण ढांचे को प्रबंधित करेंगे।