📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kremlin.ru
रक्षा
एनएसए अजित दवॉल ने आईआईटी रोरोके में 50‑वर्षीय जासूसी घटना याद की
✍️ Zee News
🗓 19 सित. 2026, 03:46 PM
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित दवॉल ने आईआईटी रोरोके में 50‑वर्षीय जासूसी घटना के बारे में बताया, जिसमें गलत नक्शों और चीनी हिरासत का उल्लेख किया गया।
आईआईटी रोरोके में आयोजित विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित दवॉल ने 50‑वर्षीय जासूसी घटना के बारे में भाषण दिया। उन्होंने बताया कि उस समय गलत नक्शों के कारण चीनी अधिकारियों के साथ एक गंभीर गलतफहमी हुई थी। दवॉल ने बताया कि भारतीय खुफिया अधिकारियों को उस अवधि में चीनी हिरासत की जटिलताओं से कैसे निपटना पड़ा।
यह भाषण ज़ी न्यूज द्वारा वीडियो के रूप में जारी किया गया और इसका उद्देश्य भारत के ठंडे युद्ध के दौर के खुफिया कार्यों की चुनौतियों को उजागर करना था। दवॉल ने राष्ट्रीय सुरक्षा संचालन में सटीक मानचित्रण के महत्व पर बल दिया।
आईआईटी रोरोके में उपस्थित श्रोताओं में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। यह कार्यक्रम छात्रों और विद्वानों को ऐतिहासिक खुफिया कार्यों के बारे में शिक्षित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा था।
भाषण का मुख्य फोकस अतीत पर था, लेकिन दवॉल ने वर्तमान और भविष्य के अधिकारियों को अतीत की गलतियों से सीखने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
यह भाषण ज़ी न्यूज द्वारा वीडियो के रूप में जारी किया गया और इसका उद्देश्य भारत के ठंडे युद्ध के दौर के खुफिया कार्यों की चुनौतियों को उजागर करना था। दवॉल ने राष्ट्रीय सुरक्षा संचालन में सटीक मानचित्रण के महत्व पर बल दिया।
आईआईटी रोरोके में उपस्थित श्रोताओं में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। यह कार्यक्रम छात्रों और विद्वानों को ऐतिहासिक खुफिया कार्यों के बारे में शिक्षित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा था।
भाषण का मुख्य फोकस अतीत पर था, लेकिन दवॉल ने वर्तमान और भविष्य के अधिकारियों को अतीत की गलतियों से सीखने के लिए प्रेरित किया ताकि भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।