📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mouryan
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NMDC ने MMDR बिल संशोधन के बीच ₹15,786 करोड़ के कर्नाटक टैक्स एक्सपोजर की चेतावनी दी
✍️ Business Standard
🗓 18 अग. 2026, 02:33 AM
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NMDC ने कर्नाटक में ₹15,786 करोड़ के टैक्स एक्सपोजर को MMDR बिल संशोधन के बाद उजागर किया।
NMDC, राज्य-स्वामित्व वाली खनिज विकास कंपनी, ने कर्नाटक में ₹15,786 करोड़ के टैक्स एक्सपोजर की चेतावनी दी है, जो हाल ही में Mineral Management and Development Rules (MMDR) बिल में संशोधन के बाद सामने आया।
कंपनी की वित्त टीम ने संशोधित प्रावधानों की समीक्षा के बाद इस एक्सपोजर की पहचान की, जो खनिज निष्कर्षण और राजस्व साझाकरण के टैक्स उपचार को बदलते हैं। NMDC ने बताया कि यह एक्सपोजर बिल के अंतिम कार्यान्वयन पर निर्भर है और वह टैक्स अधिकारियों के साथ मिलकर सटीक प्रभाव का आकलन कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा NMDC की कर्नाटक में चल रही गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दर्शाता है, जिसमें लोहे और बैकाइट का खनन शामिल है। कंपनी ने सरकार से नई नियमों को स्पष्ट करने का आग्रह किया है ताकि निवेशकों और साझेदारों के लिए अनिश्चितता से बचा जा सके।
NMDC के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अनुपालन के प्रति प्रतिबद्ध है और माइनिंग मंत्रालय के साथ मिलकर किसी भी अस्पष्टता को सुलझाने का प्रयास करेगी। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने अन्य राज्यों में भी टैक्स मामलों को सक्रिय रूप से संभाला है।
यह घोषणा केंद्रीय सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में सुधार के प्रयासों के बीच आई है, जिसका उद्देश्य नियमों को सरल बनाना और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना है।
कंपनी की वित्त टीम ने संशोधित प्रावधानों की समीक्षा के बाद इस एक्सपोजर की पहचान की, जो खनिज निष्कर्षण और राजस्व साझाकरण के टैक्स उपचार को बदलते हैं। NMDC ने बताया कि यह एक्सपोजर बिल के अंतिम कार्यान्वयन पर निर्भर है और वह टैक्स अधिकारियों के साथ मिलकर सटीक प्रभाव का आकलन कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा NMDC की कर्नाटक में चल रही गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दर्शाता है, जिसमें लोहे और बैकाइट का खनन शामिल है। कंपनी ने सरकार से नई नियमों को स्पष्ट करने का आग्रह किया है ताकि निवेशकों और साझेदारों के लिए अनिश्चितता से बचा जा सके।
NMDC के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अनुपालन के प्रति प्रतिबद्ध है और माइनिंग मंत्रालय के साथ मिलकर किसी भी अस्पष्टता को सुलझाने का प्रयास करेगी। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने अन्य राज्यों में भी टैक्स मामलों को सक्रिय रूप से संभाला है।
यह घोषणा केंद्रीय सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में सुधार के प्रयासों के बीच आई है, जिसका उद्देश्य नियमों को सरल बनाना और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना है।