📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Justin Carnielli
बिज़नेस
एनएलएमसी ने आरआईएनएल की जमीन की 584 करोड़ की बिक्री की सुविधा, आगे एचआईएल संपत्ति मोनेटाइजेशन की योजना
✍️ Business Standard
🗓 04 नव. 2026, 07:16 PM
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राष्ट्रीय भूमि मोनेटाइजेशन कंपनी (एनएलएमसी) ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) की जमीन की 584 करोड़ रुपये में बिक्री पूरी की और अब हिंदुस्तान इन्फ्राटेक लिमिटेड (एचआईएल) की संपत्तियों को मोनेटाइज करने की योजना बना रही है।
राष्ट्रीय भूमि मोनेटाइजेशन कंपनी (एनएलएमसी) ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) की एक जमीन के टुकड़े की बिक्री में मध्यस्थता की। यह लेन‑देन 584 करोड़ रुपये के मूल्य पर हुआ, जो हाल के सरकारी मोनेटाइजेशन अभियान में सबसे बड़े एकल‑संपत्ति बिक्री में से एक है।
खरीदार, जो निजी डेवलपर्स के एक कंसोर्टियम के रूप में पहचाना गया है, इस साइट को औद्योगिक और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए उपयोग करेगा, जिससे निष्क्रिय संपत्तियों को आर्थिक विकास के लिए खोलने के सरकारी लक्ष्य के साथ तालमेल बनता है। एनएलएमसी और आरआईएनएल दोनों ने इस सौदे को भविष्य के भूमि मोनेटाइजेशन पहलों के लिए मानक बताया है।
सफल समापन के बाद, एनएलएमसी ने हिंदुस्तान इन्फ्राटेक लिमिटेड (एचआईएल) की संपत्तियों को मोनेटाइज करने पर ध्यान केंद्रित करने की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि आगामी प्रक्रिया समान पारदर्शी नीलामी ढाँचे के तहत होगी, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना और निजी निवेश को आकर्षित करना है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि आरआईएनएल की जमीन बिक्री यह संकेत देती है कि बड़े‑पैमाने पर संपत्ति बिक्री गति पकड़ रही है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में और अधिक ऐसे लेन‑देन की संभावनाएँ बन सकती हैं।
सरकार इन बिक्री से प्राप्त आय को बुनियादी ढाँचा विकास और राजकोषीय स्थिरीकरण में लगाना चाहती है, जिससे व्यापक आर्थिक सुधार एजेंडा को बल मिलेगा।
खरीदार, जो निजी डेवलपर्स के एक कंसोर्टियम के रूप में पहचाना गया है, इस साइट को औद्योगिक और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए उपयोग करेगा, जिससे निष्क्रिय संपत्तियों को आर्थिक विकास के लिए खोलने के सरकारी लक्ष्य के साथ तालमेल बनता है। एनएलएमसी और आरआईएनएल दोनों ने इस सौदे को भविष्य के भूमि मोनेटाइजेशन पहलों के लिए मानक बताया है।
सफल समापन के बाद, एनएलएमसी ने हिंदुस्तान इन्फ्राटेक लिमिटेड (एचआईएल) की संपत्तियों को मोनेटाइज करने पर ध्यान केंद्रित करने की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि आगामी प्रक्रिया समान पारदर्शी नीलामी ढाँचे के तहत होगी, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना और निजी निवेश को आकर्षित करना है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि आरआईएनएल की जमीन बिक्री यह संकेत देती है कि बड़े‑पैमाने पर संपत्ति बिक्री गति पकड़ रही है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में और अधिक ऐसे लेन‑देन की संभावनाएँ बन सकती हैं।
सरकार इन बिक्री से प्राप्त आय को बुनियादी ढाँचा विकास और राजकोषीय स्थिरीकरण में लगाना चाहती है, जिससे व्यापक आर्थिक सुधार एजेंडा को बल मिलेगा।