📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / RamRajp
धर्म
जैसिनगर में 60 फीट ऊँचा झूला, नौ देवीयों की अलौकिक झलक, उमड़े श्रद्धालु
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 अक्टू. 2026, 02:36 PM
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जैसिनगर में नवरात्रि के अवसर पर 60 फीट ऊँचा झूला, नौ देवी मूर्तियों से सजा, भारी भीड़ को आकर्षित किया।
मध्य प्रदेश के जैसिनगर ने नवरात्रि के अवसर पर 60 फीट ऊँचा झूला स्थापित किया, जिस पर नौ देवी मूर्तियों को सजाया गया। यह विशेष सजावट उत्सव की शुरुआत में ही प्रदर्शित हुई और तीव्र श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गई।
झूले को मजबूत इस्पात से बनाकर पारम्परिक सजावट से सजा गया है, जिससे नौ देवी प्रतिमाएँ ऊँचाई से स्पष्ट दिखाई देती हैं। प्रत्येक मूर्ति को जीवंत रंगों में रंगा गया है और उन्हें गतिशीलता का आभास देने के लिए व्यवस्थित किया गया है, जिससे धार्मिक भावना और कलात्मकता का अनोखा संगम उत्पन्न हुआ।
भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ अनुमानित रूप से कई हजार श्रद्धालु पूरे दिन इस स्थल पर आए। भक्तों ने झूले के चारों ओर घूमें, पूजा-अर्चना की और तस्वीरें लीं, जबकि स्थानीय प्राधिकरण ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बरती। वातावरण में मंत्रोच्चार, संगीत और धूप की खुशबू ने नवरात्रि की आध्यात्मिक महत्ता को उजागर किया।
आयोजकों का कहना है कि यह झूला समुदाय की भक्ति और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को एक अनोखा दृश्य अनुभव प्रदान करता है। नवरात्रि के शेष दिनों में भी यह आकर्षण जारी रहेगा, जिससे जैसिनगर धार्मिक उत्सवों का एक जीवंत केंद्र बना रहेगा।
झूले को मजबूत इस्पात से बनाकर पारम्परिक सजावट से सजा गया है, जिससे नौ देवी प्रतिमाएँ ऊँचाई से स्पष्ट दिखाई देती हैं। प्रत्येक मूर्ति को जीवंत रंगों में रंगा गया है और उन्हें गतिशीलता का आभास देने के लिए व्यवस्थित किया गया है, जिससे धार्मिक भावना और कलात्मकता का अनोखा संगम उत्पन्न हुआ।
भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ अनुमानित रूप से कई हजार श्रद्धालु पूरे दिन इस स्थल पर आए। भक्तों ने झूले के चारों ओर घूमें, पूजा-अर्चना की और तस्वीरें लीं, जबकि स्थानीय प्राधिकरण ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बरती। वातावरण में मंत्रोच्चार, संगीत और धूप की खुशबू ने नवरात्रि की आध्यात्मिक महत्ता को उजागर किया।
आयोजकों का कहना है कि यह झूला समुदाय की भक्ति और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को एक अनोखा दृश्य अनुभव प्रदान करता है। नवरात्रि के शेष दिनों में भी यह आकर्षण जारी रहेगा, जिससे जैसिनगर धार्मिक उत्सवों का एक जीवंत केंद्र बना रहेगा।