📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Renata Apan
नौकरी
एनएचआरसी ने दिवाली पर वेंडर्स को हटाने से रोका
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 05 अक्टू. 2026, 08:15 AM
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एनएचआरसी ने राज्यों को निर्देश दिया है कि त्योहारी सीजन में सड़क किनारे वेंडर्स, ठेले वाले और छोटे कारोबारियों को बेवजह न हटाया जाए और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक जगह दी जाए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सभी राज्य सरकारों को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया है, जिसमें त्योहारी सीजन में विशेषकर दिवाली के दौरान सड़क किनारे वेंडर्स, ठेले वाले और छोटे कारोबारियों को बेवजह हटाने से रोकने का आग्रह किया गया है। आदेश में कहा गया है कि केवल वास्तविक सुरक्षा कारणों पर ही हटाना संभव है और प्रभावित विक्रेताओं को वैकल्पिक स्थान प्रदान करने की व्यवस्था करनी होगी।
NHRC ने बताया कि कई अनौपचारिक विक्रेता अपनी वार्षिक आय का बड़ा हिस्सा त्योहारी खरीदारी पर निर्भर करते हैं। अनावश्यक उखाड़फेंक उनके आजीविका को खतरे में डाल सकता है, विशेषकर दिवाली से पहले जब उपभोक्ता मांग में तीव्र वृद्धि होती है। आयोग ने राज्य अधिकारियों को स्थानीय नगर निकायों के साथ मिलकर ऐसे अस्थायी स्थल पहचानने का निर्देश दिया है, जो सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित न करें।
यह निर्देश मध्यप्रदेश में त्योहारी मौसम की तैयारी के बीच आया है, जहाँ भोपाल और अन्य शहरों की बाजार गलियों में बढ़ती भीड़ की उम्मीद है। अगले कुछ दिनों में राज्य स्तर पर कार्यान्वयन दिशानिर्देश जारी करने की संभावना है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था और अनौपचारिक क्षेत्र के आर्थिक हितों के बीच संतुलन बना रहे।
यदि राज्य इस निर्देश का पालन नहीं करते हैं, तो NHRC ने आगे कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है, जिससे कामकाजी वर्ग के आजीविका अधिकार की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
NHRC ने बताया कि कई अनौपचारिक विक्रेता अपनी वार्षिक आय का बड़ा हिस्सा त्योहारी खरीदारी पर निर्भर करते हैं। अनावश्यक उखाड़फेंक उनके आजीविका को खतरे में डाल सकता है, विशेषकर दिवाली से पहले जब उपभोक्ता मांग में तीव्र वृद्धि होती है। आयोग ने राज्य अधिकारियों को स्थानीय नगर निकायों के साथ मिलकर ऐसे अस्थायी स्थल पहचानने का निर्देश दिया है, जो सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित न करें।
यह निर्देश मध्यप्रदेश में त्योहारी मौसम की तैयारी के बीच आया है, जहाँ भोपाल और अन्य शहरों की बाजार गलियों में बढ़ती भीड़ की उम्मीद है। अगले कुछ दिनों में राज्य स्तर पर कार्यान्वयन दिशानिर्देश जारी करने की संभावना है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था और अनौपचारिक क्षेत्र के आर्थिक हितों के बीच संतुलन बना रहे।
यदि राज्य इस निर्देश का पालन नहीं करते हैं, तो NHRC ने आगे कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है, जिससे कामकाजी वर्ग के आजीविका अधिकार की रक्षा सुनिश्चित हो सके।