📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vipra97
स्थानीय
एनजीटी ने शाहपुरा तालाब की सीमा तय करने का आदेश 10 दिनों में
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 05 अक्टू. 2026, 08:01 PM
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एनजीटी ने शाहपुरा तालाब की सीमा को लेकर विभागीय खींचतान पर चेतावनी दी, 10 दिनों में एफटीएल और 50 मीटर बफर जोन तय करने का निर्देश दिया, उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी।
राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शाहपुरा तालाब की सीमा को लेकर विभिन्न विभागों के बीच चल रही खींचतान पर कड़ी निंदा की है। अपने हालिया आदेश में ट्रिब्यूनल ने संबंधित एजेंसियों को दस दिनों के भीतर पूर्ण टैंक स्तर (एफटीएल) और तालाब के चारों ओर 50 मीटर बफ़र ज़ोन तय करने का सख़्त निर्देश दिया।
यह कदम तालाब के जलस्रोत को अवैध अतिक्रमणों से बचाने और उसके पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सीमा और बफ़र निर्धारित होने के बाद, अतिक्रमण वाले क्षेत्रों में मौजूद इमारतों या बस्तियों को हटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी।
राज्य अधिकारियों को अब इस अवधि में एफटीएल और बफ़र की सटीक सीमाओं को दर्शाते हुए विस्तृत योजना प्रस्तुत करनी होगी। अनुपालन न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, एनजीटी ने चेतावनी दी है। यह कदम भोपाल क्षेत्र में तालाब की जलधारण क्षमता को सुरक्षित रखने और भविष्य में पर्यावरणीय क्षति को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है।
यह कदम तालाब के जलस्रोत को अवैध अतिक्रमणों से बचाने और उसके पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सीमा और बफ़र निर्धारित होने के बाद, अतिक्रमण वाले क्षेत्रों में मौजूद इमारतों या बस्तियों को हटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी।
राज्य अधिकारियों को अब इस अवधि में एफटीएल और बफ़र की सटीक सीमाओं को दर्शाते हुए विस्तृत योजना प्रस्तुत करनी होगी। अनुपालन न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, एनजीटी ने चेतावनी दी है। यह कदम भोपाल क्षेत्र में तालाब की जलधारण क्षमता को सुरक्षित रखने और भविष्य में पर्यावरणीय क्षति को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है।